
दुर्ग-भिलाई। शिक्षकों की कमी को लेकर दो बार सड़क पर उतरकर धमधा-खैरागढ़ मुख्य मार्ग जाम करने वाले पेंड्रावन के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के विद्यार्थियों से मिलने गुरुवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव पहुंचे। आंदोलन समाप्त होने के दो दिन बाद स्कूल पहुंचे मंत्री ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने कहा कि छात्रों की मांग सामने आते ही विभागीय स्तर पर जरूरी व्यवस्था के निर्देश दे दिए गए थे। स्कूल में उन्होंने विद्यार्थियों के साथ सेल्फी ली और वीडियो भी बनाया। वीडियो में छात्रों ने अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए मंत्री को धन्यवाद दिया।
छात्रों से बोले- फोन पर बात करने की बात कही थी, इसलिए खुद मिलने आए
स्कूल पहुंचे मंत्री गजेंद्र यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्होंने फोन पर बातचीत की बात कही थी, लेकिन सरकार की ओर से वे स्वयं उनसे मिलने पहुंचे हैं। उन्होंने छात्रों से मन लगाकर पढ़ाई करने और उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग करने की अपील की। मंत्री ने स्कूल में पदस्थ किए गए तीन नए शिक्षकों से भी मुलाकात की और उन्हें विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि एक और शिक्षक की जल्द पदस्थापना की जाएगी। इसके अलावा मंत्री ने स्कूल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्कूल की व्यवस्थाएं ठीक हैं, लेकिन इनकी लगातार निगरानी जरूरी है। अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों की मांग पर उसी दिन निकाला आदेश
पत्रकारों से चर्चा में शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें जैसे ही छात्रों के आंदोलन की जानकारी मिली, उसी समय विभागीय बैठक लेकर जरूरी निर्देश दिए गए। छात्रों की मांग पर तीन शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था की गई। साथ ही प्राचार्य का दूसरी जगह तबादला कर अंडा गांव से नए प्राचार्य की व्यवस्था की गई है।
400 से 500 विद्यार्थियों के लिए मांगे थे 17 शिक्षक
पेंड्रावन के स्कूल में करीब 400 से 500 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। छात्रों का कहना था कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों ने कम से कम 17 शिक्षकों की मांग की थी। विशेष रूप से आर्ट्स और कॉमर्स विषयों में शिक्षकों की कमी की समस्या बताई गई थी। इसी मांग को लेकर विद्यार्थियों ने 21 अगस्त और 25 अगस्त को धमधा-खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया था। 25 अगस्त का आंदोलन करीब 12 घंटे तक चला। रात करीब 12 बजे शिक्षा मंत्री से फोन पर बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त किया था। इसके बाद विभाग ने प्राचार्य को हटाने, तीन नए शिक्षकों की व्यवस्था करने और एक अन्य शिक्षक की जल्द पदस्थापना का निर्णय लिया।
पानी की समस्या भी सामने आई, वाटर कूलर की व्यवस्था के निर्देश
मंत्री के साथ बातचीत के दौरान एक छात्रा ने शिक्षकों की कमी के साथ स्कूल में पानी की समस्या भी बताई। छात्रा ने पर्याप्त पेयजल और वाटर कूलर की व्यवस्था नहीं होने की बात रखी। इस पर शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने दो दिनों के भीतर पानी और वाटर कूलर की व्यवस्था कराने की बात कही।
स्कूल पहुंचने के बाद मंत्री ने आंदोलन में शामिल रहे विद्यार्थियों के साथ सेल्फी ली। इसके बाद बच्चों के साथ वीडियो भी बनाया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए मंत्री को धन्यवाद दिया।
गांव के विद्यार्थियों को JEE-NEET की तैयारी कराने की योजना
मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि दुर्ग जिले के सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाई को नियमित और बेहतर बनाने पर विभाग का फोकस है। उन्होंने कहा कि जिले में विद्यार्थियों के लिए JEE और NEET की तैयारी की व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिल सके, इसके लिए ई-पोर्टल के माध्यम से बड़े कोचिंग संस्थानों और उनके विशेषज्ञ फैकल्टी की मदद से विशेष कोचिंग उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विषयवार विशेषज्ञों की मदद लेकर पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। इसी सिलसिले में गुरुवार शाम दुर्ग जिले के हायर सेकेंडरी स्कूलों को लेकर संयुक्त संचालकों की बैठक भी आयोजित की गई।
आंदोलन के बाद स्कूल में हुए प्रमुख बदलाव
- तीन नए शिक्षकों की व्यवस्था की गई।
- एक अन्य शिक्षक की जल्द पदस्थापना की जाएगी।
- प्राचार्य का तबादला कर नए प्राचार्य की व्यवस्था की गई।
- स्कूल में पानी और वाटर कूलर की व्यवस्था के निर्देश दिए गए।
- स्कूल की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।