दुर्ग। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में नशे के खिलाफ विशेष अभियान “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” चलाया गया। 15 सितंबर की दोपहर से शुरू इस अभियान में दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों में एक साथ छापेमारी की गई। 80 से अधिक विशेष टीमों में शामिल 500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने 24 घंटे के भीतर नशे के अड्डों पर ताबड़तोड़ दबिश दी।
250 से अधिक स्थानों पर छापेमारी
इस संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस ने तीनों जिलों में 250 से अधिक ठिकानों पर कार्रवाई की। इसमें 200 से अधिक आरोपी गिरफ्तार हुए। छापेमारी के दौरान लगभग 26 किलो गांजा, 126 लीटर अवैध शराब और नशीली टैबलेट्स जब्त की गईं
जिलेवार पुलिस कार्रवाई
दुर्ग जिला में।पुलिस ने लगभग 160 स्थानों पर दबिश दी और 120 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें NDPS एक्ट के तहत 16, आबकारी एक्ट के तहत 23 प्रकरण दर्ज हुए, वहीं 89 आरोपियों पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई। बालोद जिला में लगभग 50 स्थानों पर छापेमारी कर 31 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनमें 4 NDPS एक्ट, 4 आबकारी एक्ट और 23 प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के अंतर्गत पकड़े गए।बेमेतरा जिला में।पुलिस ने लगभग 60 स्थानों पर छापेमारी कर 39 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों पर NDPS, आबकारी और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।
अभियान का उद्देश्य
आईजी दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य नशे के अवैध व्यापार को जड़ से समाप्त करना है। गली-मोहल्लों और छोटी दुकानों के जरिए नशा बेचने वाले छोटे पैडलर्स के नेटवर्क को खत्म करना इस मिशन की प्राथमिकता है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, बेमेतरा के एसएसपी रामकृष्ण साहू और बालोद के एसपी योगेश पटेल के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि नशे के धंधे से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।