रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच करने वाली एजेंसी ACB-EOW का फर्जी अफसर बनकर अधिकारियों और कर्मचारियों से ब्लैकमेलिंग व वसूली करने वाले कांग्रेसी नेता हसन आबिदी को टिकरापारा पुलिस ने बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी, धमकी और वसूली का केस दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि हसन ने खुद को ACB-EOW का अधिकारी बताकर महिला पटवारी सारिका सोनी के कारोबारी पति राजेश सोनी को भ्रष्टाचार के केस में फंसाने की धमकी दी और एक करोड़ रुपये की मांग की। अब तक की जांच में पता चला है कि वह कई अधिकारियों से लाखों की वसूली कर चुका है।
कैसे हुआ पर्दाफाश?
देवपुरी निवासी रियल एस्टेट कारोबारी राजेश सोनी और उनकी पत्नी सारिका सोनी (पटवारी) को हसन ने फोन कर खुद को ACB-EOW का अफसर बताया। उसने कहा कि “विवेक” नामक व्यक्ति ने उनकी पत्नी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की है और उन्हें जल्द ही EOW, ED और CBI की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। हसन ने धमकी दी कि उनके घर पर छापेमारी होगी, गिरफ्तारी हो सकती है और मीडिया में नाम उजागर किया जाएगा। भयभीत राजेश ने बताया कि आरोपी ने कुछ रकम पहले ही वसूली है और अब ₹2.5 करोड़ की मांग कर रहा है।
छापेमारी में बरामद हुए प्रॉपर्टी दस्तावेज और जेवर
पुलिस ने आरोपी हसन आबिदी के घर पर छापा मारा, जहां से प्रॉपर्टी के दस्तावेज, नकद राशि, सोने-चांदी के जेवर और कई मोबाइल फोन जब्त किए गए। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि हसन ने एक अधिकारी को ब्लैकमेल कर सिमरन सिटी में 3,500 वर्ग फीट की जमीन की रजिस्ट्री अपने रिश्तेदार के नाम पर करवाई थी। इसके अलावा वह एक अन्य अधिकारी से ₹50 लाख रुपये वसूल चुका है।
कांग्रेस नेताओं के साथ तस्वीरें दिखाकर बनाता था दबाव
गिरफ्तारी के समय हसन ने पुलिस को डराने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें दिखाईं और कहा कि वह “ऊपर तक” पहुंच रखता है। जानकारी मिली है कि वह पूर्व महापौर और वर्तमान कांग्रेस नेता सन्नी अग्रवाल के साथ अक्सर देखा जाता था और खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता बताता है।
पुलिस बोले – ‘बड़ी साजिश, कई पीड़ित सामने आ सकते हैं’
टिकरापारा पुलिस का कहना है कि यह संगठित ठगी और ब्लैकमेलिंग का मामला है। अभी कई पीड़ितों की पहचान होनी बाकी है। आरोपी का राजनीतिक कवर लेकर फर्जी पहचान से ठगी करना गंभीर अपराध है। पुलिस ने अन्य विभागों से भी संपर्क कर जांच तेज कर दी है।
FIR में लगे धाराएं:
- IPC 419 (धोखाधड़ी)
- IPC 384 (वसूली)
- IPC 506 (धमकी)
- IPC 420 (जालसाजी)
- और अन्य आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं