
रायपुर, 31 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की बिजली के निजीकरण की कोई मंशा नहीं है और इस मुद्दे पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिस सुनवाई को बिजली के निजीकरण से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। किसी रूटीन प्रक्रिया को बिजली के निजीकरण से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बिजली व्यवस्था के निजीकरण का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर बेबुनियाद दावों के जरिए जनता को गुमराह करने और गलतफहमी पैदा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ऐसे भ्रामक प्रचार पर ध्यान न दें।
उपभोक्ताओं और किसानों के हित सर्वोपरि
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिजली कंपनियों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना और व्यवस्था में आवश्यक सुधार करना है, न कि उन्हें निजी हाथों में सौंपना। सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत बिजली कंपनियों को मजबूत बनाने तथा आम उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक, किसान और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उपभोक्ताओं और किसानों के हितों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।