रायपुर। राजधानी रायपुर में हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया। हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद नाराज पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को देर शाम मना लिया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव से उनकी मुलाकात कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हुई, जहां सिंहदेव ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद कंवर अपने समर्थकों के साथ कोरबा वापस लौट गए।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर और कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। कलेक्टर की कार्यशैली से नाराज कंवर ने मुख्यमंत्री को 15 सूत्रीय शिकायत पत्र भेजकर कलेक्टर को जिले से हटाने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे 4 अक्टूबर से मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देंगे।
इसी बीच शुक्रवार को रायपुर पहुंचे कंवर जब अपने समर्थकों के साथ धरना देने जाने लगे, तो प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने उन्हें गहोई भवन में रोककर अंदर बंद कर दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। नाराज कंवर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें “हाउस अरेस्ट” किया गया है और प्रदेश सरकार प्रशासनिक दमन की राह पर चल रही है।।कंवर ने आरोप लगाया कि बाल्को कंपनी और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से डीएमएफ फंड में करोड़ों रुपये का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यही रवैया जारी रहा तो भाजपा को अगली बार 10 सीटें भी नहीं मिलेंगी।
हालांकि, देर शाम भाजपा नेतृत्व की सक्रियता के बाद स्थिति संभल गई। पार्टी अध्यक्ष किरण सिंहदेव से हुई वार्ता के बाद कंवर शांत हुए और अपने समर्थकों संग कोरबा लौट गए। सिंहदेव ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार उनकी शिकायतों पर जल्द उचित कार्रवाई करेगी।
■ पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने बोला हमला-
उधर, इस घटना को लेकर विपक्ष ने भी सरकार पर हमला बोला। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा —।“वाह अमित शाह जी! जिस वक्त देश के गृहमंत्री बस्तर में व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, उसी वक्त भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर जी को रायपुर में हाउस अरेस्ट किया गया है। भाजपा अपनी ही पार्टी के अंदर उठ रही आदिवासी आवाज़ को भी दबाना चाहती है। यह कदम निंदनीय है।”