रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में अब बुर्का, नकाब, घूंघट, मास्क या हेलमेट पहनकर सोने-चांदी की दुकानों में खरीदारी नहीं की जा सकेगी। छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने सुरक्षा कारणों से ज्वेलरी शॉप्स में ऐसे ग्राहकों की एंट्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह फैसला प्रदेशभर के सभी सर्राफा व्यवसायियों पर लागू होगा। प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने बिलासपुर में बताया कि हाल ही में गरियाबंद जिले के नवापारा-राजिम में एक ज्वेलरी शॉप से करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी होने की घटना सामने आई थी। इसके बाद प्रदेश के स्वर्णकारों और व्यापारियों में दहशत का माहौल है। इसी को देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है। कमल सोनी ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि चेहरा ढंका होने की स्थिति में CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है, जिससे अपराधियों के पकड़े जाने में दिक्कत आती है।
अन्य राज्यों में पहले से लागू–
बिहार, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और झारखंड के बाद अब छत्तीसगढ़ भी उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां ज्वेलरी शॉप्स में बुर्का, नकाब या मास्क पहनकर आने पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही हेलमेट पहनकर आने वाले पुरुषों की एंट्री भी प्रतिबंधित रहेगी।
बढ़ती कीमतों से बढ़ा अपराध का खतरा–
एसोसिएशन के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण आने वाले दिनों में चोरी, लूट और डकैती की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में पहचान छुपाकर आने वाले लोगों पर रोक लगाना जरूरी हो गया है। ग्राहकों से अपील की गई है कि वे दुकान में प्रवेश से पहले अपना चेहरा स्पष्ट रखें।
इमरजेंसी बैठक में लिया गया फैसला–
इस संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने की। इसमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा समेत विभिन्न जिलों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। सर्वसम्मति से तय किया गया कि प्रदेश की सभी ज्वेलरी शॉप्स में इस निर्णय का सख्ती से पालन किया जाएगा।
हालिया घटनाओं से बढ़ी चिंता–
पिछले एक महीने में अंबिकापुर में बुर्का पहनकर चोरी की कोशिश और सुकमा जिले में 13 लाख रुपए की नकाबपोश लूट की घटनाओं ने सर्राफा कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। इन मामलों में चेहरा ढंका होने के कारण पहचान में आई मुश्किलों को देखते हुए एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया है।
एसोसिएशन का कहना है कि ग्राहक पहचान स्पष्ट करके सुरक्षित तरीके से खरीदारी कर सकते हैं। इससे न केवल दुकानदारों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि बाजार में भी भरोसे और सुरक्षा का माहौल कायम रहेगा।