दुर्ग में म्यूल अकाउंट से ठगी का पर्दाफाश, 21 वर्षीय युवक पर केस दर्ज

दुर्ग। जिले में साइबर अपराध से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। सुपेला थाना क्षेत्र में रहने वाले युवक ने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को सौंप दिया, जिसका उपयोग कई ऑनलाइन फ्रॉड में किया गया। पुलिस ने 4 लाख 99 हजार 393 रुपए का संदिग्ध लेनदेन पकड़ते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।।गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर मामले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि बैंक ऑफ इंडिया की सुपेला शाखा में खुलवाए गए खाते का 16 सितंबर 2024 से 14 मार्च 2025 के बीच बार-बार ठगी के लिए उपयोग किया गया। इस दौरान आरोपी के खाते में 4.99 लाख रुपए से अधिक की रकम जमा हुई।

आरोपी की पहचान और कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि आरोपी का नाम तुषार बडगईया (21 वर्ष), निवासी संजय नगर, वेकेटेश्वर टॉकीज के पीछे का है। उसने लालच में आकर अपना खाता साइबर अपराधियों को उपयोग के लिए दिया। इस मामले में सुपेला थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी की पहचान की गई और उसके खिलाफ धारा 317(2), 318(4) के तहत केस दर्ज किया गया है।

म्यूल अकाउंट से ठगी का खेल
पुलिस ने बताया कि म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल साइबर ठग अवैध लेनदेन को छुपाने के लिए करते हैं। ठग इनाम, नौकरी या लोन के नाम पर लोगों से रकम ऐंठते हैं और फिर इसे ऐसे खातों में ट्रांसफर करते हैं, जिनके मालिक महज नाम के होते हैं। रकम बाद में कई खातों से गुजारकर असली अपराधियों तक पहुंचाई जाती है, जिससे ट्रांजैक्शन का पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

पुलिस की चेतावनी
अधिकारियों ने साफ किया कि अपना बैंक खाता किसी और को देना भी साइबर अपराध में शामिल होना है। इसके लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जांच इस बात की भी होगी कि आरोपी ने किस माध्यम से खाता सौंपा और इसके बदले उसे कितनी रकम मिली।पुलिस और साइबर सेल लगातार ऐसे खातों पर निगरानी रख रही है। उद्देश्य यह है कि ठगी से निकली रकम को ट्रैक कर पीड़ितों तक वापस पहुंचाया जा सके।

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