दुर्ग । पावरग्रिड रायपुर पूल धमतरी ट्रांसमिशन लिमिटेड द्वारा 400 के.व्ही. डी/सी रायपुर संचरण लाइन के विस्तार के चलते दुर्ग जिले के मंचादुर, कातरों, मातरो सहित करीब आधा सैकड़ा गांवों के सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं। इस विद्युत टावर लाइन के चलते किसानों की निजी भूमि पर टावर खड़े किए गए हैं, जिससे उन्हें खेती करने में बाधा हो रही है और अब तक कोई मुआवजा राशि भी प्राप्त नहीं हुई है। भूमि के असली हकदार किसान इस बात से व्यथित हैं कि निर्माण एजेंसी व जिला प्रशासन के द्वारा पहले मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। इस दौरान जनपद सदस्य एवं किसान नेता ढालेश साहू ने भी किसानों की ओर से अपनी बात रखते हुए उचित मुआवजा की मांग को दोहराते हुए कहा कि यदि किसानों को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। यह केवल आर्थिक नहीं, बल्कि न्याय का मामला है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल से भेंट की। किसानों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने मौके पर ही दुर्ग एस.डी.एम. से फोन पर चर्चा की और शीघ्र समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया। सांसद ने यह भी कहा कि किसानों का अधिकार सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है और इस दिशा में प्रशासन से समन्वय कर जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा। प्रभावित किसानों में रणमत साहू, राधेश्याम यादव, बरातू पटेल, डिगम्बर साहू, बिसाहू राम, मोहन लाल, शिवनंदन, गजेन्द्र साहू, खोमलाल, भीषम कुमार, मन्नू लाल, द्वारिका साहू, सेवाराम देवांगन, ओंकार, मुहपाल, बिसेराम, थानसिंग साहू, जसलोक साहू, शनिराम, अनिल साहू, दीपक, जयराम, बालाराम, रमेश, डिगम्बर साहू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे ।
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