बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कांग्रेस ने गुरुवार को जनहित से जुड़े चार प्रमुख मुद्दों—जर्जर सड़कों, बढ़े हुए बिजली बिल, धान खरीदी में अव्यवस्था और बढ़े रजिस्ट्री शुल्क—को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता भारी संख्या में नेहरू चौक से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे और सरकार विरोधी नारेबाजी की। कलेक्टोरेट परिसर के पास पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया। प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़कर नारे लगाने लगे, तभी पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वज्र वाहन और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। तेज़ पानी की बौछारों के चलते बैरिकेड पर चढ़े कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी सहित कई कार्यकर्ता नीचे गिर गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता उग्र हो गए और बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे स्थिति और संवेदनशील बन गई। हालांकि, पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए हालात पर कुछ देर बाद नियंत्रण पा लिया।
• जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी का बयान—सरकार पर गंभीर आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा शासन में जनता समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि—बिजली बिलों के नाम पर प्रदेश में हाहाकार मचा है, जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 400 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती थी। गरीबों की झुग्गी-झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, जिससे हजारों गरीब परिवार बेघर हो रहे हैं। इन सभी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस सड़क पर उतरी है और जब तक समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
• पुलिस और प्रशासन की तैयारी
विरोध प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस ने पहले से ही भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर रखी थी।
सिविल लाइन CSP निमितेश सिंह ने बताया कि कांग्रेस की योजना कलेक्टोरेट घेराव की थी, इसलिए पूर्व-योजना के तहत बैरिकेडिंग और पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया था, ताकि स्थिति पर नियंत्रण बना रहे।