रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ को लेकर नगर निगमों में पारित प्रस्तावों को उन्होंने जबरदस्ती सरपंचों पर दबाव बनाकर पारित कराए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह सब जनता का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है। बघेल ने सवाल उठाया कि जब नियमित समय पर नगरपालिका चुनाव नहीं करवा पा रहे हैं, तो राष्ट्रीय चुनावों में कैसे सफल होंगे? लोकसभा चुनाव के बीच में पड़ने की स्थिति में समय बचाने के नाम पर चुनाव कैसे कराए जाएंगे, यह भी उन्होंने एक बड़ा प्रश्नचिन्ह बताया।
◆ विशेष सत्र की मांग पर बोले बघेल-
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए विशेष सत्र के अनुरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष सत्र बुलाया जा सकता है, तो राहुल गांधी के आग्रह पर लोकसभा में क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि आतंकी ताकतें आपसी लड़ाई का फायदा उठा रही हैं, ऐसे में संसद में एकजुट होकर विशेष सत्र बुलाना जरूरी है।
◆पाकिस्तानी जांच पर बीजेपी को घेरा
पाकिस्तानी नागरिकों की जांच को लेकर बीजेपी सरकार को घेरते हुए बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बयान अलग-अलग हैं। उन्होंने पूछा कि कितने लोगों की जांच हुई, क्या कार्रवाई की गई और सरकार इस मुद्दे पर मौन क्यों है?
◆ हैकिंग और ट्रांसफर उद्योग पर निशाना
राजनीतिज्ञों के अकाउंट हैक होने पर चिंता जताते हुए बघेल ने कहा कि पहले महादेव, अब गजानंद और ड्रीम 11, यह समाज के लिए खतरनाक संकेत हैं। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर ‘ट्रांसफर उद्योग’ चलाने का आरोप लगाया और कहा कि हर तरफ वसूली हो रही है।
◆नक्सल ऑपरेशन और आईबी बैठक पर सवाल
नक्सल ऑपरेशन पर उन्होंने कहा कि पहले नक्सली संविधान में विश्वास जताएं, फिर बातचीत हो। वहीं, रायपुर में आईबी प्रमुख की बैठक पर तंज कसते हुए कहा कि गृहमंत्री बैकफुट पर हैं और मुख्यमंत्री को भी पीछे किया जा रहा है, जबकि यूनिफाइड कमांड के प्रमुख राज्य के मुख्यमंत्री होते हैं।