रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बस्तर के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में मां दंतेश्वरी देवी के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, बस्तर सांसद एवं दशहरा समिति अध्यक्ष महेश कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। दरबार में गृहमंत्री शाह ने बस्तर के जनप्रतिनिधियों, माझी-चालकी समुदाय और आम जनता से सीधे संवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है — मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण अंत, और 2031 तक बस्तर का हर गांव शिक्षा, बैंकिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं से समृद्ध होगा।
शाह ने घोषणा की कि –2026 तक कोई भी गांव बिना बिजली के नहीं रहेगा।2031 तक प्रत्येक गांव में स्कूल, बैंक और पीएचसी/सीएचसी की स्थापना होगी।नक्सलमुक्त गांवों को ₹1 करोड़ का विशेष अनुदान दिया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 नए घर बस्तर के आदिवासी परिवारों को मिलेंगे। गृहमंत्री ने कहा कि “विकास और सुरक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं। जब सड़क, संचार और शिक्षा हर गांव तक पहुंचेगी, तब बस्तर का हर युवा राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनेगा।।मंच से गृहमंत्री ने बस्तरवासियों से आह्वान किया —“हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं। सरकार अपना काम करेगी, पर समाज को भी आगे आकर बदलाव में भागीदार बनना होगा।”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “गृहमंत्री के आगमन से बस्तर के विकास और नक्सल उन्मूलन के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी। सरकार का संकल्प है कि बस्तर को फिर से खुशहाल बनाया जाए।”।कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों ने सड़क, बिजली, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी मांगें रखीं। शाह ने भरोसा दिलाया कि सभी योजनाओं को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा और स्थानीय युवाओं को NMDC व अन्य परियोजनाओं में रोजगार में वरीयता दी जाएगी।