NH-30 पर पहली बार लागू होगा लेन सिस्टम: भारी वाहन बाईं, कारें दाईं लेन में चलेंगी; उल्लंघन पर 300 से 1,000 रुपए तक जुर्माना

NH-30 पर पहली बार लागू होगा लेन सिस्टम: भारी वाहन बाईं, कारें दाईं लेन में चलेंगी; उल्लंघन पर 300 से 1,000 रुपए तक जुर्माना

रायपुर। राजधानी के प्रमुख मार्ग NH-30 पर टाटीबंध से जोरा तक करीब 19 किलोमीटर हिस्से में पहली बार व्यवस्थित लेन सिस्टम लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत भारी वाहनों को बाईं लेन, जबकि कार और अन्य चारपहिया वाहनों को दाईं लेन में चलना होगा। दोपहिया वाहनों के लिए सर्विस लेन निर्धारित की जाएगी। लेन नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन के प्रकार के अनुसार 300 से 1,000 रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा। नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों की बैठक में लिया गया है। इसके लिए पूरे मार्ग पर लेन मार्किंग की जाएगी और जगह-जगह साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही मार्ग के दोनों ओर कुल 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक जरूरी सुधार कार्य पूरा कर करीब एक महीने में लेन सिस्टम लागू कर दिया जाएगा।

दोपहिया वाहनों के लिए चौड़ी होगी सर्विस लेन

दोपहिया वाहनों को मुख्य सड़क से अलग रखने के लिए सर्विस लेन को चौड़ा किया जाएगा। सर्विस लेन के चौड़ीकरण में बाधक बिजली के खंभों को हटाने के लिए पहले चरण में बिजली विभाग को 8 करोड़ रुपए दिए गए हैं। खंभे हटने के बाद सर्विस रोड के चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने टाटीबंध, सिलतरा बाइपास, सरोना सर्विस लेन, भाठागांव शराब दुकान और राम मंदिर से तेलीबांधा तक के हिस्सों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया है। इन क्षेत्रों में सालभर में करीब 30 हादसों में 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

रोजाना दो लाख वाहनों का दबाव

NH-30 मुंबई और हावड़ा को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में से एक है। टाटीबंध से जोरा के बीच रोजाना करीब दो लाख वाहन गुजरते हैं। इनमें 50 हजार से अधिक भारी वाहन शामिल हैं। पीक आवर में ट्रकों के बार-बार लेन बदलने से जाम की स्थिति बनती है। नई व्यवस्था में ट्रक और अन्य भारी वाहनों को बाईं लेन में चलना होगा। दाईं लेन चारपहिया वाहनों और ओवरटेकिंग के लिए इस्तेमाल की जाएगी। वहीं दोपहिया वाहनों को मुख्य कैरिज-वे के बजाय सर्विस लेन से गुजरना होगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित होगी और अचानक लेन बदलने से होने वाले हादसों में कमी आएगी।

12 कैमरों से होगी निगरानी

टाटीबंध से जोरा तक दोनों दिशाओं में कुल 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सड़क किनारे लगाए जाने वाले साइन बोर्ड पर अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए निर्धारित लेन की जानकारी दी जाएगी। कैमरों के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

बाइक पर 300, कार पर 500 और भारी वाहन पर 1,000 रुपए जुर्माना

गलत लेन में वाहन चलाने पर निर्धारित जुर्माना लगाया जाएगा। दोपहिया वाहन चालकों से 300 रुपए, चारपहिया वाहन चालकों से 500 रुपए और भारी वाहन चालकों से 1,000 रुपए तक जुर्माना वसूला जाएगा। नियमों का पालन कराने और कार्रवाई की जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस की होगी।

विशेषज्ञ की राय: 12 कैमरों से पूरी निगरानी चुनौतीपूर्ण

ट्रैफिक विशेषज्ञ समर पाटनी के मुताबिक 19 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सिर्फ 12 कैमरों से हर हिस्से में लेन उल्लंघन की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण होगा। मुख्य सड़क और सर्विस रोड पर दोपहिया, ऑटो और छोटे वाहन एक साथ चलते हैं। सर्विस लेन से मुख्य सड़क पर आने-जाने के दौरान अचानक लेन बदलना भी हादसों का कारण बन सकता है। इसलिए कैमरों के साथ मौके पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती भी जरूरी होगी।

अधिकारियों का दावा: यातायात और हादसों पर नियंत्रण

डीएसपी ट्रैफिक सतीश सिंह ठाकुर के अनुसार रिंग रोड-1 पर भारी वाहनों के साथ छोटी गाड़ियों की आवाजाही भी होती है। टाटीबंध से जोरा के बीच पांच ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। लेन सिस्टम लागू होने से यातायात को व्यवस्थित करने और हादसों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर दिग्विजय सिंह ने बताया कि बड़ी गाड़ियों के लिए बाईं और छोटी गाड़ियों के लिए दाईं लेन निर्धारित की जाएगी। करीब एक महीने में लेन मार्किंग और साइन बोर्ड लगाने का काम पूरा करने का लक्ष्य है। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस करेगी।

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