AI युग में वेदों की ओर लौटने का संदेश, जामगांव (आर) महाविद्यालय में मनाई गई स्वामी विवेकानंद जयंती

AI युग में वेदों की ओर लौटने का संदेश, जामगांव (आर) महाविद्यालय में मनाई गई स्वामी विवेकानंद जयंती

जामगांव (आर)। वर्तमान तकनीकी युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और वेदों की ओर लौटने का प्रेरक संदेश देते हुए शहीद डोमेश्वर साहू शासकीय महाविद्यालय जामगांव (आर) में 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को युवा दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस वर्ष युवा दिवस की थीम “युवा फॉर एआई, एंपावरिंग यूथ बाय एआई” रही। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता, ज्ञानवर्धन और समस्याओं के समाधान में इसकी भूमिका से अवगत कराया गया।

माय भारत के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में भिलाई इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर साइंस एवं टेक्नोलॉजी के मेंटोर प्रो. डॉ. संजीव करमरकर का विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधुनिक स्वरूप के साथ स्वामी विवेकानंद जी के मूलभूत सिद्धांतों को प्रभावशाली ढंग से समझाया। डॉ. करमरकर ने कहा कि आज भी हम भारतीय ज्ञान परंपरा और वेदों से बहुत कुछ सीख सकते हैं। आधुनिक विज्ञान जिन सिद्धांतों को प्रस्तुत कर रहा है, उनके बीज करोड़ों वर्ष पूर्व वेदों में निहित हैं। आवश्यकता इस बात की है कि युवा स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का अनुसरण करते हुए वेदों और भारतीय चिंतन को आत्मसात करें।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद के जीवन प्रसंगों को साझा करते हुए कहा कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहराई से जुड़े थे और किसी के कहने मात्र से अपनी विचारधारा नहीं बदलते थे। आज के युवाओं के लिए आवश्यक है कि वे अपने सिद्धांतों पर दृढ़ रहते हुए निरंतर आगे बढ़ें। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी श्रीमती चेतना सोनी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को फ्यूचर स्किल एवं माय भारत द्वारा आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शॉर्ट कोर्स की जानकारी भी दी गई, जिसे विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में सरलता से पूर्ण कर प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं, जो भविष्य में उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय प्राचार्य द्वारा मुख्य अतिथि डॉ. संजीव करमरकर को स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की सफलता में महाविद्यालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।

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