जामगांव आर। दक्षिण पाटन के टेमरी से बेल्हारी किकिरमेटा माइनर तक की नहर लाइनिंग में भारी अनियमितता उजागर हुई है। टेमरी सिपकोन्हा ग्रुप 1 के तहत जल संसाधन विभाग द्वारा करीब 5 किलोमीटर लंबी इस छोटी नहर की लाइनिंग कार्य सालभर पूर्व कराई गई थी, लेकिन निर्माण के महज इतने दिनों में ही नहर के कई हिस्सों में दरारें पड़ गई हैं और जगह-जगह प्लास्टर उखड़ चुका है लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी पूरे मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं न तो मरम्मत की कोई योजना बनी है और न ही मौके पर कोई निरीक्षण किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के शुरुआती दौर में ही बेल्हारी और किकिरमेटा के बीच नहर के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए । गौरतलब है कि काम के दौरान ही किसानों और ग्रामीणों ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन सिचाई विभाग ने आवश्यकतानुसार ठेकेदार से मरम्मत वायदे पर मामले को शांत कर दिया था ।
◆ वर्षों से पानी के लिए संघर्ष कर रहे किसानों के अरमान टूटे-
गौरतलब है कि दक्षिण पाटन का यह हिस्सा वर्षों से निस्तारी और फसल सिंचाई के पानी के लिए संघर्ष करता रहा है। जब टेमरी से किकिरमेटा तक छोटी माइनर लाइनिंग शुरू हुई थी, तब किसानों को उम्मीद जगी थी कि अब बेहतर ढंग से पानी मिलेगा। लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही और घटिया निर्माण ने किसानों की अरमानों पर पानी फेर दिया। क्षेत्र के भाजपा नेता नेतराम निषाद, रामसिंह बंसोड़ और महेश साहू ने जल संसाधन विभाग से किकिरमेटा माइनर की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो किसानों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
जल्द शुरू होगा मरम्मत- एसडीओ
वहीं इस मामले में जल संसाधन विभाग के एस डी ओ आर के सोनी ने कहा कि यह मेरे यहाँ आने के पूर्व का काम है क्षतिग्रस्त स्थानों की मरम्मत प्राथमिकता से कराई जाएगी। सोमवार को पहले स्थल का निरीक्षण किया जाएगा, उसके बाद मरम्मत कार्य की योजना बनाकर आवश्यकतानुसार कार्य प्रारंभ किया जाएगा।