पाटन (दुर्ग)। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में लगातार बढ़ते फंड संकट और विकास कार्यों के ठप होने से नाराज़ सरपंचों ने 8 दिसंबर को पाटन ब्लॉक मुख्यालय स्थित रेस्ट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में सरपंच संघ ने पंचायतों को मूलभूत सुविधाओं एवं ग्राम पंचायत विकास योजना हेतु 15वें वित्त से राशि उपलब्ध न कराए जाने पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की।
पाटन ब्लॉक सरपंच संघ अध्यक्ष विनय चंद्राकर ने बताया कि नए सरपंचों का कार्यकाल शुरू हुए लगभग 10 माह बीत चुके हैं, लेकिन शासन–प्रशासन की लापरवाही के चलते पंचायतों की स्थिति बदतर हो चुकी है। बिजली, पानी, साफ-सफाई जैसे बुनियादी कार्यों के लिए फंड नहीं मिलने से गांवों में अव्यवस्था बढ़ रही है। सरपंचों का कहना है कि उनके कार्यकाल की शुरुआत में ही पंचायत के खाते खाली मिले थे, और उसके बाद भी अब तक कोई राशि आबंटित नहीं की गई। 16वां वित्त आयोग प्रारंभ हुए 9 माह बीत चुके हैं, लेकिन 15वें वित्त की अंतिम किस्त भी जारी नहीं हुई। ऐसे में पंचायती विकास ठप पड़ गया है। अपनी प्रतिष्ठा और ग्राम की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरपंच अपनी जेब से खर्च कर मूलभूत सुविधाएँ बनाए रखने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश के कारण सरपंच कठिन स्थिति में पहुंच चुके हैं।
सरपंच संघ को आशा है कि “मोदी की गारंटी” और प्रदेश की सुशासन सरकार उनके दर्द को समझेगी। आने वाले दिनों में विभागीय मंत्री, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की जाएगी। बैठक में सरपंच संघ ने 12 सूत्रीय मांगों का प्रस्ताव पारित किया, जिसमें प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं—
- 15वें वित्त की वर्ष 2025–26 की राशि तुरंत जारी की जाए।
- 15वें वित्त की राशि 2011 के बजाय वर्तमान जनसंख्या के आधार पर आवंटित की जाए।
- गौण खनिज की शेष राशि तत्काल पंचायतों को दी जाए।
- 15वें वित्त में जिला 10% और जनपद 15% का प्रावधान हटाकर 100% राशि ग्राम पंचायतों को मिले।
- प्रत्येक ग्राम पंचायत को विकास हेतु प्रतिवर्ष ₹5,00,000 सरपंच निधि उपलब्ध कराई जाए।
- मनरेगा में मजदूरी कार्य पुन: शुरू किया जाए।
- प्रधानमंत्री आवास राशि बढ़ाकर ₹2,50,000 की जाए तथा भूमि अभाव पर प्रथम मंजिल निर्माण की अनुमति मिले।
- पाटन ब्लॉक में लगे सोलर संयंत्रों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
- जल जीवन मिशन में हो रही अनियमितताओं को दूर किया जाए।
- सरपंच मानदेय ₹4,000 से बढ़ाकर ₹12,000 किया जाए।
- गौठान समिति खातों की जानकारी सरपंचों को उपलब्ध कराई जाए तथा राशि विकास कार्यों में उपयोग हेतु जारी हो।
- मनरेगा एवं अन्य मदों के पूर्ण कार्यों की लंबित राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए।
सरपंच संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर तत्काल कार्यवाही नहीं हुई तो पंचायतों में ताला लगाकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।