कवर्धा में 26 हजार क्विंटल धान शॉर्टेज से हड़कंप, कलेक्टर ने केंद्र प्रभारी को किया सस्पेंड, कांग्रेस बोली—“भाजपाई चूहा खा गया किसानों का धान”

कवर्धा में 26 हजार क्विंटल धान शॉर्टेज से हड़कंप, कलेक्टर ने केंद्र प्रभारी को किया सस्पेंड, कांग्रेस बोली—“भाजपाई चूहा खा गया किसानों का धान”

कवर्धा । कवर्धा जिले में धान संग्रहण केंद्रों से करीब 26 हजार क्विंटल धान के शॉर्टेज का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। करोड़ों रुपये के धान गायब होने के इस प्रकरण में एक ओर जहां सियासत गरमा गई है, वहीं दूसरी ओर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन के अनुसार धान की कमी का मुख्य कारण सूखत बताया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह कमी चूहों, दीमक या कीड़ों द्वारा खाए जाने से नहीं, बल्कि प्राकृतिक सूखत के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों की तुलना में वर्ष 2024-25 में सूखत मात्र 3.5 प्रतिशत रहा है, जो वर्ष 2020-21 (3.9 प्रतिशत) और 2021-22 (3.67 प्रतिशत) से भी कम है। वर्ष 2022-23 और 2023-24 में धान का संग्रहण नहीं किया गया था। कलेक्टर ने यह भी कहा कि गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बाद यदि कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


इसी बीच धान शॉर्टेज मामले में कलेक्टर ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए संबंधित धान संग्रहण केंद्र प्रभारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले को लेकर भ्रामक और गलत बयान देने पर जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। गौरतलब है कि कवर्धा जिले में कुल 108 धान खरीदी केंद्र संचालित हैं। इनमें से कवर्धा ब्लॉक के बाजार चारभांठा तथा पंडरिया ब्लॉक के बघर्रा धान खरीदी केंद्र में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। इन दोनों केंद्रों से करीब 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

वहीं इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के जिले में 26 हजार क्विंटल धान गायब हो गया और अधिकारी इसे चूहों व दीमक द्वारा खाए जाने की बात कहकर बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपाई चूहा ही किसानों का धान खा रहा है।”
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि कहीं भी गड़बड़ी हुई है तो जांच के बाद संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर कार्रवाई होगी। भाजपा नेताओं पर आरोप लगाना गलत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश घोटालों में अतीत में कांग्रेस नेताओं के ही नाम सामने आए हैं। धान शॉर्टेज को लेकर जहां प्रशासन जांच और कार्रवाई में जुटा है, वहीं राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मामला अब प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस बहुचर्चित प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके।

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