रैगिंग मुक्त परिसर की दिशा में सशक्त पहल : जामगांव आर महाविद्यालय में नवीन छात्रों के लिए आयोजित कार्यशाला में रैगिंग के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा

विद्यार्थियों ने ली रैगिंग न करने की शपथ,प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल और डॉ. आबिद हसन खान ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

जामगांव आर। शहीद डोमेश्वर साहू शासकीय महाविद्यालय जामगांव आर-भरर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को रैगिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को रैगिंग निषेध कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में एंटी रैगिंग प्रभारी डॉ. आबिद हसन खान उपस्थित रहे। डॉ. खान ने कार्यशाला में विद्यार्थियों को रैगिंग की परिभाषा, इसकी विभिन्न श्रेणियाँ और इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वरिष्ठ विद्यार्थियों से अपील की कि वे सदैव एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं और रैगिंग जैसी अमानवीय प्रवृत्तियों से दूर रहें।

कार्यक्रम में यूजीसी द्वारा निर्धारित शिकायत तंत्र, हेल्पलाइन नंबर, ईमेल और ऑनलाइन पोर्टल जैसी सुविधाओं की जानकारी भी दी गई ताकि पीड़ित छात्र समय रहते अपनी समस्या साझा कर सकें। प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में यूजीसी के नियमों को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि विद्यार्थियों का पहला कर्तव्य है कि वे महाविद्यालय के अनुशासन और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि “रैगिंग से दूर रहकर छात्र अपने लक्ष्य की ओर केंद्रित रह सकते हैं।”

कार्यशाला के अंत में सभी विद्यार्थियों को रैगिंग न करने और न सहने की शपथ दिलाई गई। समिति सदस्यों ने रैगिंग से बचाव के उपायों को उदाहरणों सहित स्पष्ट किया और छात्रों को किसी भी प्रकार की असहज स्थिति में तुरंत कॉलेज प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी। प्राचार्य अग्रवाल ने गर्वपूर्वक कहा कि अब तक महाविद्यालय में रैगिंग जैसी कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने नहीं आई है, जो संस्था की सकारात्मक और अनुशासित संस्कृति को दर्शाता है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यशाला को सफल बनाने में महाविद्यालय के समस्त अधिकारियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों का सहयोग सराहनीय रहा।

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