पाटन। छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा उपभोगकर्ता नहीं, ऊर्जा उत्पादक बनने की दिशा में अग्रसर है। पाटन जनपद पंचायत के सभापति प्रणव शर्मा ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त पहल “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” राज्यवासियों को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह योजना डबल सब्सिडी के तहत और अधिक प्रभावशाली हुई है। इस योजना से आम नागरिक न केवल अपने घर की बिजली जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन करके आय का स्रोत भी बना सकते हैं।
प्रणव शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 31 लाख परिवार हाफ बिजली बिल योजना का लाभ उठा रहे हैं, वहीं 15 लाख बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट बिजली निशुल्क दी जा रही है। अब घरों की छतें केवल छाया नहीं देंगी, बल्कि बिजली भी पैदा करेंगी। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे इस योजना से जुड़ें और खुद के ऊर्जा दाता बनें। यह योजना केवल मुफ्त बिजली नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक सशक्तिकरण और ऊर्जा सुरक्षा का समेकित समाधान है।
श्री शर्मा ने बताया कि पाटन सहित आसपास के क्षेत्रों में इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक योजना से लाभान्वित हो सकें।