कोरबा । भारतीय जनता पार्टी के सीनियर आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है। कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत को हटाने की मांग पर अब उन्होंने मुख्यमंत्री निवास रायपुर के सामने धरना देने का ऐलान कर दिया है। गौरतलब है कि 22 सितंबर को कंवर ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में 14 बिंदुओं पर शिकायतें दर्ज कर कलेक्टर को “हिटलर” तक बताया था। साथ ही, 3 दिन के भीतर कलेक्टर को हटाने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन समयसीमा गुजर जाने के बाद भी कार्रवाई न होने से वे नाराज़ हैं।
ननकीराम कंवर ने रायपुर कलेक्टर को लिखे नए पत्र में कहा है कि—
“पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुए शराब, कोयला, सीजीएमएससी दवा खरीदी और पीएससी भर्ती घोटालों का खुलासा मैंने किया, जिनमें दोषी अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई भी हुई। लेकिन कोरबा कलेक्टर पर की गई शिकायतों को दरकिनार कर दिया गया है। यह साफ संकेत है कि मुख्यमंत्री अधिकारियों के कब्जे में हैं और गुमराह हो रहे हैं।”
कंवर का यह “लेटर बम” सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा संगठन स्तर पर भी अब स्थिति को संभालने की चुनौती बढ़ गई है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व डैमेज कंट्रोल कर पाता है या फिर कंवर अपने धरने के फैसले पर अड़े रहते हैं।