गंगरेल बांध में बढ़ा जलस्तर,दो गेटों से 4 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया; महानदी किनारे गांवों में अलर्ट-कलेक्टर ने अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश दिए

गंगरेल बांध में बढ़ा जलस्तर,दो गेटों से 4 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया; महानदी किनारे गांवों में अलर्ट-कलेक्टर ने अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश दिए

धमतरी, 02 सितंबर 2026। जिले में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में बढ़ती पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड पर है। गंगरेल जलाशय में 96.17 प्रतिशत जलभराव दर्ज होने के बाद जलाशय के दो गेटों से लगभग 4 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। महानदी में पानी छोड़े जाने से नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार 01 सितंबर की सुबह 8 बजे की स्थिति में गंगरेल जलाशय में 4,342 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई। वहीं मुरूमसिल्ली जलाशय में 98.49 प्रतिशत जलभराव के साथ 745 क्यूसेक, दुधावा में 83.56 प्रतिशत जलभराव के साथ 1,178 क्यूसेक तथा सोढ़ुर जलाशय में 69.25 प्रतिशत जलभराव के साथ 167 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। आगामी दिनों में बारिश की संभावना और जलाशयों में लगातार बढ़ रही आवक को देखते हुए गंगरेल जलाशय के दो गेटों से लगभग 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रुद्री बैराज पहुंचने पर इसमें से करीब 2,000 क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर तथा 2,000 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इसके चलते महानदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से सतर्क एवं सुरक्षित रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जलाशयों में पानी की आवक और आगामी वर्षा की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर रखे हुए है। महानदी सहित नदी-नालों के किनारे रहने वाले नागरिक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने लोगों से नदी, नाला, जलभराव वाले क्षेत्र अथवा तेज बहाव वाले पानी को किसी भी परिस्थिति में पार नहीं करने की अपील की।

कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगरीय निकायों, जल संसाधन विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। महानदी किनारे बसे गांवों में मुनादी, सूचना तंत्र एवं स्थानीय अमले के माध्यम से ग्रामीणों को समय-समय पर जलस्तर की जानकारी देने तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है। इसके अलावा निचले एवं संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, राहत एवं बचाव दलों की तैयारी, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा आपात स्थिति में त्वरित समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम स्तर पर कोटवार, पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय अमले को भी अलर्ट मोड पर रखने कहा गया है।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने नागरिकों से प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों एवं निर्देशों का पालन करने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ की आशंका की सूचना तत्काल संबंधित राजस्व अधिकारी, ग्राम पंचायत या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि सावधानी और समय पर सूचना ही आपदा के दौरान सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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