दुर्ग। भिलाई के प्रतिष्ठित महिला सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय रक्षाबंधन महोत्सव का शुभारंभ दुर्ग केंद्रीय जेल में बेहद भावनात्मक और सांस्कृतिक वातावरण में हुआ। महिला प्रतिनिधियों ने उन बंदियों की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधी जिनसे वर्षों से कोई मिलने नहीं आया है। इस मार्मिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं दुर्ग सांसद विजय बघेल की धर्मपत्नी एवं समाजसेवी रजनी बघेल, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को एक स्नेहिल आयाम प्रदान किया। जेल परिसर में 14 सदस्यीय महिला टीम ने बंदियों का तिलक कर उन्हें राखी बांधी, आरती उतारी और उनका भावनात्मक संबल बढ़ाया। जेल अधीक्षक श्री मनीष जी ने बताया कि जिन बंदियों को राखी बांधी गई, वे वर्षों से परिवारिक उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। ऐसे में यह आयोजन उनके लिए भाई-बहन के रिश्ते का नया अनुभव लेकर आया। कई बंदी भावुक होकर आँसू नहीं रोक सके, तो बहनों ने उन्हें कंधा थपथपाकर हिम्मत दी।
सांस्कृतिक चेतना का उत्सव
इस आयोजन की अध्यक्षता कर रहीं सुश्री नीता चौरसिया ने कहा किभारत की संस्कृति में हर रिश्ते का महत्व है। रक्षाबंधन का पर्व केवल रक्षा का वचन नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव का सजीव प्रतीक है, जिसे हम समाज के हर कोने तक ले जाना चाहते हैं। मुख्य अतिथि श्रीमती रजनी बघेल ने कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, सुरक्षा और विश्वास का पर्व है। जब बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं, तो वह रिश्तों को मजबूती देती हैं और समाज को जोड़ती हैं। कार्यक्रम का समापन जेल अधीक्षक मनीष को राखी बांधकर किया गया, जिसमें महिला प्रतिनिधियों ने उन्हें भी अपने स्नेह की डोरी से जोड़ा। इस दौरान अनु राणा (संयोजिका),सोनी त्रिपाठी (सह-संयोजिका),उपासना साहू (आयोजन प्रभारी), मिथिला खेचरिया, रश्मि राजपूत, सरोज टंहुंगरे, सीमा तिवारी, रश्मि आगरकर, प्रीति अग्रवाल, ईश्वरी नेम, श्वेता जैन सहित कई महिला सामाजिक संगठनों की सक्रिय सदस्याएं उपस्थित रहीं।