
रायपुर। घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी ई-केवाईसी कराने की समयसीमा 23 अगस्त को समाप्त हो चुकी है। पेट्रोलियम कंपनियों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में करीब 70 लाख गैस ग्राहकों में से 6 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। ऐसे उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन अब ब्लॉक किए जाने लगे हैं। इसका सीधा असर गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग पर पड़ रहा है। गैस एजेंसियों पर पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को पहले ई-केवाईसी कराने के लिए कहा जा रहा है। कंपनियों ने संकेत दिया है कि 1 सितंबर से सत्यापन को लेकर और सख्ती बढ़ाई जाएगी। फिलहाल जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग किसी तरह हो रही है, उसे भी आगे चलकर रोका जा सकता है।
रायपुर में 30 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने नहीं कराया सत्यापन
रायपुर जिले में एचपीसीएल, बीपीसीएल और इंडेन के करीब 7 लाख ग्राहक हैं। समयसीमा खत्म होने तक 30 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। इन कनेक्शनों पर भी अब कार्रवाई शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ में इंडेन के ग्राहकों की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है। इसलिए ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की संख्या भी इसी कंपनी में ज्यादा है। कंपनियों के अधिकारी अब एजेंसियों से भी लगातार रिपोर्ट ले रहे हैं।
ज्यादा लंबित मामलों वाली एजेंसियों को नोटिस
जिन गैस एजेंसियों में ई-केवाईसी नहीं कराने वाले ग्राहकों की संख्या अधिक मिल रही है, उन्हें नोटिस देने की तैयारी है। इसके बाद एजेंसी संचालक भी सक्रिय हो गए हैं। जिन ग्राहकों का ई-केवाईसी रिकॉर्ड में अपडेट नहीं है, उन्हें फोन कर एजेंसी बुलाया जा रहा है। एजेंसी संचालकों के मुताबिक ई-केवाईसी की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसे पूरा करने में करीब दो मिनट का समय लगता है।
आधार और गैस कार्ड लेकर जाएं, मोबाइल से भी करा सकते हैं ई-केवाईसी
गैस उपभोक्ता अपनी संबंधित एजेंसी पर आधार कार्ड और गैस कनेक्शन/गैस कार्ड लेकर जा सकते हैं। एजेंसी कर्मचारी मोबाइल के जरिए उपभोक्ता का फोटो लेकर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं के लिए एजेंसी जाना संभव नहीं है, वे संबंधित पेट्रोलियम कंपनी के मोबाइल ऐप के माध्यम से भी ई-केवाईसी कराने का विकल्प इस्तेमाल कर सकते हैं।
फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शनों पर भी नजर
ई-केवाईसी अभियान का उद्देश्य केवल ग्राहकों का सत्यापन करना ही नहीं, बल्कि फर्जी और डुप्लीकेट गैस कनेक्शनों की पहचान करना भी है। पड़ताल में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें एक ही नाम से एक से अधिक कनेक्शन, दूसरे शहर में चले जा चुके उपभोक्ता और मृत व्यक्तियों के नाम पर दर्ज कनेक्शन शामिल हो सकते हैं। कंपनियों का मानना है कि सत्यापन पूरा होने के बाद ऐसे संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान आसानी से हो सकेगी। एक ही नाम या पते पर दो या तीन कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन की भी जांच की जा सकती है।
31 अगस्त के बाद बढ़ेगी सख्ती
बीपीसीएल डिस्ट्रीब्यूटर संघ के प्रदेशाध्यक्ष मुरारी गौर ने उपभोक्ताओं से जल्द ई-केवाईसी कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अब तक सत्यापन नहीं कराया है, उन्हें इसे तत्काल पूरा कर लेना चाहिए। कंपनियों की ओर से कनेक्शन ब्लॉक किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 31 अगस्त के बाद कार्रवाई और सख्त हो सकती है। गैस उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि बुकिंग में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए वे जल्द से जल्द अपना ई-केवाईसी सत्यापन पूरा करा लें।