
दुर्ग, 5 सितंबर 2026। कांग्रेस के संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं कर पा रही है। सिंहदेव ने कहा कि भाजपा के ही एक वरिष्ठ नेता ने भी सरकार के कामकाज को लेकर उनसे ऐसी ही बात कही है।
सिंहदेव ने प्रदेश के गांवों, पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने किसानों के घरों पर छापे की कार्रवाई को लेकर भी सरकार से सवाल किए।
गुटबाजी के सवाल पर बोले—विचारों में भिन्नता स्वाभाविक
कांग्रेस के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, देवेंद्र यादव सहित अन्य नेताओं के बीच कथित मतभेद और गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर टी.एस. सिंहदेव ने इसे सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि समाज की सबसे छोटी इकाई परिवार है और ऐसा कौन सा परिवार है, जिसमें दो राय नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल में विचारों की भिन्नता होती है और इसे सीधे तौर पर गुटबाजी नहीं कहा जा सकता। अलग-अलग मुद्दों पर नेताओं की अलग राय होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
बृजमोहन अग्रवाल के पत्रों का किया जिक्र
भाजपा नेताओं के कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए सिंहदेव ने भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्रों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से सवाल करने वाले भाजपा नेताओं को पहले बृजमोहन अग्रवाल द्वारा सरकार के समक्ष उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए।सिंहदेव ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को कितने पत्र लिखे हैं, इसे भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन पत्रों से सरकार के भीतर उनकी चिंताओं और असंतोष का अंदाजा लगाया जा सकता है।
“पार्टी हित को नुकसान न हो, इसका प्रयास”
कांग्रेस में चल रही आंतरिक राजनीतिक गतिविधियों और नेताओं के अलग-अलग बयानों के बीच सिंहदेव ने कहा कि यह पार्टी के भीतर की बात है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि पार्टी के हित को कम से कम नुकसान हो। सिंहदेव के बयान को कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच अहम माना जा रहा है। उन्होंने जहां पार्टी के भीतर अलग-अलग विचारों को स्वाभाविक बताया, वहीं पार्टी हित को प्राथमिकता देने की बात भी कही।