
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रेडीमेड कपड़ा कारोबारी की एक्टिवा से 53 लाख रुपए से भरा बैग चोरी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने वारदात के बाद चोरी की रकम को गीजर, TV के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाकर रखा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पूरी 53 लाख रुपए की नकदी बरामद कर ली है। इसके अलावा तीन बैंक खाते फ्रीज कराए गए हैं और वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक व दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष यदु (39), निवासी डीडी नगर, रायपुर और कमलेश कुशवाहा (36), निवासी टाटीबंध के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी कारोबारी की गतिविधियों पर करीब एक सप्ताह से नजर रख रहे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद पहचान छिपाने के लिए उन्होंने रास्ते में कई बार कपड़े बदले और CCTV कैमरों से बचने के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल किया।
पान खाने रुके कारोबारी, एक्टिवा से गायब हुआ 53 लाख का बैग
पुलिस के अनुसार, शैलेन्द्र नगर निवासी किशोर बलवानी की पंडरी कपड़ा मार्केट में रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। 9 अक्टूबर को सुबह करीब 11:40 बजे वे अपने घर से दुकान जाने के लिए निकले थे। उनकी एक्टिवा के सामने वाले पायदान पर सफेद बैग में 53 लाख रुपए रखे हुए थे। करीब 11:45 बजे वे कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक पर अप्पू पान ठेले के सामने रुके और पान खाने चले गए। इसी दौरान दोनों आरोपी मौके पर पहुंचे और एक्टिवा के सामने रखा नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए। जब कारोबारी वापस लौटे, तो बैग गायब मिला। इसके बाद उन्होंने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
हजारों CCTV फुटेज खंगाले, कपड़े बदलते नजर आए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। शुरुआती फुटेज में बिना नंबर प्लेट की पल्सर बाइक पर दो संदिग्ध नजर आए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों पर लगे हजारों CCTV कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए रास्ते में बार-बार कपड़े बदल रहे थे। वे ऐसे रास्तों का भी इस्तेमाल कर रहे थे, जहां CCTV कैमरों की निगरानी से बचने की संभावना थी। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
एक सप्ताह से कारोबारी की रेकी कर रहे थे आरोपी
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी करीब एक सप्ताह से किशोर बलवानी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। उन्हें कारोबारी के घर से दुकान जाने के समय और उनकी दिनचर्या की जानकारी थी। 9 अक्टूबर को कारोबारी के घर से निकलते ही दोनों उनके पीछे लग गए। कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक पर मौका मिलते ही उन्होंने एक्टिवा के सामने रखे बैग को उठाया और वहां से फरार हो गए।
गीजर, TV और बच्चों के खिलौनों में छिपाई नकदी
वारदात के बाद आरोपियों ने चोरी की रकम को अपने घरों में अलग-अलग जगह छिपा दिया था। पुलिस के मुताबिक, नकदी का कुछ हिस्सा गीजर के अंदर, कुछ TV के पीछे और कुछ बच्चों के खिलौनों में रखा गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पूरी 53 लाख रुपए की रकम बरामद कर ली। इसके साथ ही तीन बैंक खाते फ्रीज कराए गए हैं। वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
दोनों आरोपियों का पहले भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, आरोपी मनीष यदु के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मारपीट और जुआ एक्ट के तहत पहले भी मामले दर्ज हैं। इन मामलों में वह जेल जा चुका है। वर्ष 2012 में उसने आजाद चौक थाने में कैश लूट की झूठी शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसके मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। वहीं, दूसरे आरोपी कमलेश कुशवाहा के खिलाफ भी पहले मारपीट का मामला दर्ज हो चुका है। इस मामले में वह गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।
पुलिस की जांच में खुली वारदात की परतें
कारोबारी की शिकायत के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की पूरी रकम बरामद करने का दावा किया है। इस वारदात में आरोपियों ने कारोबारी की दिनचर्या पर नजर रखने से लेकर पहचान छिपाने और चोरी की रकम छिपाने तक की योजना बनाई थी। फिलहाल मामले में पुलिस की आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।