गृहमंत्री ने लॉन्च किया 9 वीडियो मॉड्यूल वाला ‘साइबर संकल्प’-500 से ज्यादा विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव की जानकारी, 1930 पर तुरंत कॉल करने की अपील

गृहमंत्री ने लॉन्च किया 9 वीडियो मॉड्यूल वाला ‘साइबर संकल्प’-500 से ज्यादा विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव की जानकारी, 1930 पर तुरंत कॉल करने की अपील

रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में शनिवार को साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा को लेकर तैयार किए गए 9 वीडियो मॉड्यूल वाले डिजिटल कोर्स ‘साइबर संकल्प’ की शुरुआत की। इस डिजिटल कोर्स के प्रत्येक वीडियो की अवधि करीब 5 से 6 मिनट है। इनमें साइबर ठगी के बदलते तरीकों, ऑनलाइन फ्रॉड की पहचान और उससे बचने के आसान एवं व्यावहारिक उपाय बताए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान साइबर ठगी की स्थिति में बिना देर किए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करने की अपील की गई।

परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील

गृहमंत्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे खुद साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के साथ अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने साइबर जागरूकता अभियान को शहरों के साथ-साथ गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर अपराधों के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में सावधानी और जागरूकता ही ऑनलाइन ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

डिजिटल अरेस्ट में एक करोड़ से ज्यादा की ठगी, समय पर वापस मिली रकम

कार्यक्रम में साइबर ठगी के पीड़ित डॉ. सेन ने अपना अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि वे एक करोड़ रुपए से अधिक की डिजिटल अरेस्ट ठगी का शिकार हुए थे। ठगी की जानकारी मिलते ही उन्होंने गोल्डन ऑवर में पुलिस से संपर्क किया। समय पर शिकायत और पुलिस की कार्रवाई के चलते ठगी की रकम वापस मिल सकी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में घबराने या शिकायत में देरी करने के बजाय तुरंत पुलिस और 1930 हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।

9 वीडियो मॉड्यूल में मिलेगी डिजिटल सुरक्षा की जानकारी

‘साइबर संकल्प’ को डिजिटल सुरक्षा और साइबर जागरूकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें कुल 9 वीडियो मॉड्यूल शामिल हैं। प्रत्येक मॉड्यूल 5 से 6 मिनट का है। इन वीडियो के माध्यम से आम लोग और विद्यार्थी आसान भाषा में साइबर अपराध के नए तरीकों, ऑनलाइन ठगी की पहचान और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे।

गृहमंत्री बोले- डिजिटल लेनदेन बढ़ा, सावधानी भी जरूरी

विद्यार्थियों से संवाद के दौरान विजय शर्मा ने डिजिटल लेनदेन में तेजी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश में करीब 36 लाख करोड़ रुपए का डिजिटल लेनदेन हुआ है, जो दुनिया के कुल डिजिटल लेनदेन का लगभग आधा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों को साइबर अपराधों के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

पुलिस अधिकारियों ने बताए ऑनलाइन सुरक्षा के तरीके

कार्यक्रम की शुरुआत अपर पुलिस उपायुक्त डॉ. गौरव मंडल के साइबर जागरूकता सत्र से हुई। उन्होंने साइबर अपराध के बदलते तरीकों और उनसे बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार ने भी विद्यार्थियों को नए तरह के साइबर अपराधों से सावधान रहने और ऑनलाइन सुरक्षा के जरूरी नियमों का पालन करने की सलाह दी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार, पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक तकनीकी सेवाएं प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला और कुलसचिव शैलेंद्र पटेल सहित पुलिस एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *