
दुर्ग। ग्राम सभा में क्या फैसला हुआ, बैठक में कितने ग्रामीण शामिल हुए और किन मुद्दों पर क्या सहमति बनी, अब इसका रिकॉर्ड केवल रजिस्टर तक सीमित नहीं रहेगा। 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों और उनके आश्रित गांवों में होने वाली विशेष ग्राम सभाओं की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। रिकॉर्ड किया गया वीडियो सीधे जीएस निर्णय मोबाइल ऐप पर अपलोड किया जाएगा। इस व्यवस्था से ग्राम सभा में लिए गए निर्णयों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे बाद में प्रस्तावों में बदलाव, हेराफेरी या फर्जीवाड़े की संभावनाओं को कम करने में मदद मिलेगी।
गांव के विकास की प्राथमिकताएं ग्राम सभा में होंगी तय
विशेष ग्राम सभा में विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) और विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण (जी-राम-जी) के तहत गांव के विकास की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। इसके लिए सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन यानी PRA के माध्यम से ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय समस्याओं की जानकारी जुटाई जाएगी। ग्रामीणों के सुझावों के आधार पर गांव में जरूरी विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
परिसंपत्तियों का होगा डिजिटल मैपिंग
मैदानी अमला युक्त धारा पोर्टल के माध्यम से गांव में मौजूद परिसंपत्तियों का मानचित्रण करेगा। इसमें उपलब्ध संसाधनों और सुविधाओं की जानकारी दर्ज की जाएगी। इस प्रक्रिया से गांव में विकास से जुड़ी कमियों की पहचान करने और जरूरत के मुताबिक प्राथमिकता वाले कार्य तय करने में मदद मिलेगी।
वाटर बजट से तय होंगे जल संरक्षण के काम
ग्राम सभा में वाटर बजट के जरिए गांव में पानी की उपलब्धता और जरूरत का आकलन भी किया जाएगा। उपलब्ध जल संसाधनों और संभावित जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल संचयन और संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे गांव के स्तर पर पानी की उपलब्धता, खपत और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर बोले- ग्रामीणों की भागीदारी से तय होंगी प्राथमिकताएं
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि ग्राम सभा ग्रामीणों की सीधी भागीदारी से विकास की प्राथमिकताएं तय करने का सशक्त मंच है। स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीणों के सुझावों को योजनाओं में शामिल कर ग्राम विकास को अधिक उपयोगी बनाने का प्रयास किया जाएगा। जिला पंचायत CEO बजरंग कुमार दुबे ने कहा कि VGPP और PRA के माध्यम से गांव की वास्तविक जरूरतों को दर्ज किया जाएगा। ग्राम सभा की वीडियो रिकॉर्डिंग को ऐप पर अपलोड करने से प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
पिछली तिमाही की आय-व्यय का भी खुलेगा हिसाब
विशेष ग्राम सभा में केवल विकास योजनाओं पर चर्चा ही नहीं होगी, बल्कि पंचायत के वित्तीय कामकाज की जानकारी भी ग्रामीणों के सामने रखी जाएगी। बैठक में पिछली ग्राम सभा में लिए गए संकल्पों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ पंचायत की पिछली तिमाही की आय और व्यय का पूरा विवरण भी ग्रामीणों के सामने रखा जाएगा। किस योजना के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितना खर्च किया गया और निर्माण या विकास कार्य किस स्थिति में है, इसकी जानकारी भी दी जाएगी। इससे पंचायत स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।