
गाड़ाडीह,पौहा, कुम्हली, जामगांव आर, टेमरी, किकिऱमेटा सहित कई स्थानों पर ब्रेकर क्षतिग्रस्त; ब्लैक स्पॉट पर हुए निर्माण की खुली पोल
जामगांव आर। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पाटन क्षेत्र में चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर बनाए गए स्पीड ब्रेकर अब निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में हैं। पुलिस और यातायात विभाग की पहल पर दुर्घटना संभावित स्थानों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने पौहा, कुम्हली, जामगांव आर, टेमरी, नवागांव और किकिरमेटा सहित कई स्थानों पर करीब डेढ़ माह पहले स्पीड ब्रेकर बनाए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार इनमें से कई ब्रेकर अब उखड़ने और टूटने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के उद्देश्य से बनाए गए स्पीड ब्रेकर कुछ ही सप्ताह में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई स्थानों पर ऊपरी परत उखड़ने लगी है और ब्रेकर के हिस्से सड़क से अलग हो रहे हैं, नागरिकों का कहना है कि ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य वाहन चालकों को गति नियंत्रित करने के लिए बाध्य करना है, लेकिन यदि स्पीड ब्रेकर ही जल्द खराब हो जाएं तो पूरी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने सभी स्थानों का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त ब्रेकरों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से दोबारा बनाने की मांग की है।
• लोनिवि ने बताया बारिश को कारण
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग पाटन की एसडीओ सोनल धलेन्द्र ने बताया कि विभागीय निर्देश पर दुर्घटना संभावित जगहों पर सुरक्षा कारणों से बारिश के दौरान तत्काल स्पीड ब्रेकर बनाए गए थे। लगातार बारिश के कारण डामर से ब्रेकर बनाना संभव नहीं था, इसलिए कांक्रीट सामग्री का उपयोग किया गया। उन्होंने बताया कि डामर की गुणवत्ता कांक्रीट की तुलना में बेहतर होती है और बारिश के दौरान डामर सड़क पर कांक्रीट से बनाए गए ब्रेकर अधिक समय तक टिक नहीं पाते। बरसात समाप्त होने के बाद स्पीड ब्रेकरों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से दोबारा निर्माण कराया जाएगा। अब विभाग के इस आश्वासन के बाद यह देखना होगा कि बारिश समाप्त होने पर ब्लैक स्पॉट वाले इन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर कितनी मजबूती और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप बनाए जाते हैं।