बिरनपुर रहीम–ईदुल हत्याकांड में 17 हिन्दू आरोपी दोषमुक्त :बोले- जेल और बदनामी झेली, भविष्य बर्बाद हुआ,मुआवजे में सरकारी नौकरी की मांग

रायपुर। बेमेतरा जिले के बिरनपुर हिंसा कांड से जुड़े रहीम और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। मामले में कुल 52 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, लेकिन स्वतंत्र गवाहों ने अभियोजन का समर्थन नहीं किया और आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं हो सके।

बरी आरोपियों की सरकार से नौकरी की मांग

दोषमुक्त हुए आरोपियों ने फैसले के बाद सरकार से मुआवजे के रूप में सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उनका कहना है कि तीन वर्षों तक हत्या जैसे गंभीर अपराध का मुकदमा झेलने, जेल में रहने और सामाजिक बदनामी सहने से उनका भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

क्या था पूरा मामला

यह मामला 8 अप्रैल 2023 को बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ा है। उस दिन दो समुदायों के बीच विवाद हुआ था, जिसकी शुरुआत कथित तौर पर बच्चों की मारपीट से हुई थी। विवाद बढ़ने पर हिंसक झड़प में 23 वर्षीय भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया, आगजनी की घटनाएं हुईं और प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी। करीब दो सप्ताह तक गांव में कर्फ्यू जैसे हालात रहे। इसी हिंसा के दो दिन बाद, 11 अप्रैल 2023 को शक्तिघाट क्षेत्र में रहीम (55) और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद (35) के शव बरामद हुए थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में सभी को जमानत मिल गई थी। अब अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया है। बिरनपुर हिंसा में पुलिस ने कुल 7 एफआईआर दर्ज की थीं, जिनमें भुनेश्वर साहू और रहीम–ईदुल की हत्या के मामले शामिल थे।

भुनेश्वर हत्याकांड की CBI जांच जारी

भुनेश्वर साहू की हत्या के मामले में उनके पिता और साजा विधायक ईश्वर साहू की मांग पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच शुरू की। यह मामला फिलहाल सीबीआई की विशेष अदालत में विचाराधीन है और ट्रायल जारी है। हालांकि रहीम और ईदुल की हत्या का मामला स्थानीय पुलिस की जांच और जिला अदालत में ही चला। अब सभी आरोपियों के बरी होने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि दोनों की हत्या आखिर किसने की, क्योंकि अदालत के फैसले के बाद किसी की आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं हो सकी है।

पीड़ित परिवार की हालत दयनीय

रहीम की पत्नी अलहम बी आज भी बिरनपुर गांव में अपने पोते के साथ रह रही हैं। पति और बेटे की हत्या के बाद परिवार की आर्थिक रीढ़ टूट गई। घर में कोई कमाने वाला नहीं बचा है। ईदुल की पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। परिवार अब सरकारी राशन के सहारे गुजर-बसर कर रहा है। कई बार हालात इतने खराब हो जाते हैं कि केवल चावल पानी में घोलकर गुजारा करना पड़ता है। ऐसे में अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार की उम्मीदें और सवाल दोनों कायम हैं।

दोनों मामलों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

एक ओर रहीम–ईदुल हत्याकांड में सभी आरोपी बरी हो चुके हैं, वहीं भुनेश्वर साहू हत्याकांड की जांच सीबीआई द्वारा जारी है। दोनों मामलों को लेकर गांव और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अदालत के फैसले ने जहां आरोपियों को राहत दी है, वहीं यह मामला न्यायिक प्रक्रिया, जांच की दिशा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने जैसे सवालों को फिर से केंद्र में ले आया है।

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