बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राज्य में BSc नर्सिंग काउंसलिंग की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अब काउंसलिंग की नई अंतिम तिथि 26 अक्टूबर 2025 निर्धारित की है। यह आदेश जीएनएम से अपग्रेड हुए 13 नर्सिंग महाविद्यालयों द्वारा राज्य शासन के सीटें घटाने के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश के बाद जारी हुआ है। हाईकोर्ट ने बुधवार को अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अपग्रेड कॉलेजों को तुरंत प्रभाव से काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाए। अदालत ने काउंसलिंग कमेटी और आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग को फटकार लगाते हुए कहा कि इन कॉलेजों के प्रवेश को किसी भी तरह से रोका नहीं जा सकता।
याचिका की अगली सुनवाई नवंबर 2025 के आखिरी सप्ताह में होगी।राज्य सरकार ने इससे पहले इन कॉलेजों की सीटें घटाने का निर्णय लिया था, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता संस्थानों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।याचिकाकर्ता अकादमियों की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम के संचालन के लिए आवश्यक अनुमोदन छत्तीसगढ़ नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल द्वारा पहले ही प्रदान किया गया था। इसके बावजूद, राज्य शासन ने बिना कोई कारण बताए और बिना सुनवाई के कॉलेजों की प्रवेश सीटें घटा दीं। वहीं, राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने कहा कि मान्यता कुछ शर्तों के साथ दी गई थी, जिन्हें संबंधित कॉलेजों ने पूरा नहीं किया। इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि क्या कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिस पर सरकारी वकील ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि काउंसलिंग समिति के अध्यक्ष द्वारा 4 सितंबर 2025 को जारी आदेश के अनुसार, याचिकाकर्ता कॉलेजों को मान्यता और अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। साथ ही यह भी कहा गया कि पिछले शैक्षणिक सत्र में भी यही प्रवेश क्षमता स्वीकृत थी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य के विद्यार्थियों को राहत मिली है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कहा है कि 26 अक्टूबर तक काउंसलिंग प्रक्रिया जारी रहेगी, ताकि छात्र-छात्राएं अपग्रेड महाविद्यालयों को अपने विकल्प में शामिल कर सकें। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय विद्यार्थियों के हित में लिया गया है और अपग्रेड कॉलेजों के प्रवेश अंतिम न्यायालयीन निर्णय के अधीन रहेंगे। इस फैसले से राज्य के नर्सिंग संस्थानों में चल रही असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है और विद्यार्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया अब पहले की तरह सुचारू रूप से जारी रह सकेगी