ASP आकांश राव हत्या कांड का मास्टरमाइंड ढेर : सुकमा में बड़ी मुठभेड़, खूंखार कमांडर माड़वी देवा सहित तीन नक्सली मारे गए

ASP आकांश राव हत्या कांड का मास्टरमाइंड ढेर : सुकमा में बड़ी मुठभेड़, खूंखार कमांडर माड़वी देवा सहित तीन नक्सली मारे गए

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। DRG की टीम ने तुमालपाड़ के घने जंगलों में हुई तीव्र मुठभेड़ में कुख्यात जनमिलिशिया कमांडर माड़वी देवा को मार गिराया। माड़वी देवा वही माओवादी था, जिस पर ASP आकांश राव गिरिपुंजे की हत्या की साजिश रचने, IED ब्लास्ट की योजना बनाने और इलाके में दहशत फैलाने के गंभीर आरोप थे। मुठभेड़ में दो महिला माओवादी सहित कुल तीन नक्सली ढेर हो गए। सुरक्षा बलों ने मौके से अत्याधुनिक हथियार, बीजीएल लॉन्चर, .303 राइफल, गोला-बारूद और माओवादी दस्तावेज बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार बरामद सामग्री से नक्सली नेटवर्क संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

◆ पुख्ता सूचना पर ऑपरेशन

सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि भेज्जी–चिंतागुफा क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों की सक्रियता की विश्वसनीय सूचना मिलते ही DRG की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान माओवादियों ने फायरिंग की, जिसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। लगभग आधे घंटे चली मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए।

◆ मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान

  1. माड़वी देवा

निवासी: पोटानार (थाना भेज्जी)

पद: एरिया जनमिलिशिया कमांडर, स्नाइपर टीम कमांडर

इनाम: ₹5 लाख

आरोप: IED ब्लास्ट, ग्रामीण हत्याएं, पुलिस पार्टी पर हमले, ASP आकांश राव की हत्या की साजिश का आरोपी

  1. पोडियम गंगी

निवासी: पेद्दापाड़, सुकमा

पद: CNM कमांडर

इनाम: ₹5 लाख

  1. सोड़ी गंगी

निवासी: वेरमगुंडु (थाना किस्टाराम)

पद: एरिया कमेटी सदस्य

इनाम: ₹5 लाख

भारी हथियार व विस्फोटक सामग्री बरामद

जवानों को घटनास्थल से .303 राइफल, बीजीएल लॉन्चर, गोला-बारूद, दैनिक उपयोग की सामग्री और माओवादी दस्तावेज मिले हैं। पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों से नक्सली नेटवर्क की कई परतें खुलने की संभावना है।

◆“माओवाद अंतिम सांसें गिन रहा है”—IGP

बस्तर रेंज के IGP सुंदरराज पट्टलिंगम ने इसे सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा—
“बस्तर में माओवाद तेजी से कमजोर पड़ रहा है। वर्ष 2025 में अब तक 233 माओवादी मारे जा चुके हैं, जिनमें शीर्ष कमेटी के सदस्य भी शामिल हैं। यह संगठन की अंतिम अवस्था का संकेत है। उन्होंने सक्रिय माओवादियों से हिंसा छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ लेने की अपील भी की।

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