रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेत माफिया के आतंक और कानून व्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। बलौदाबाजार के गिधौरी में युवक की बेरहमी से पिटाई, राजनांदगांव में फायरिंग, बलरामपुर में कांस्टेबल की हत्या और गरियाबंद में पत्रकारों की पिटाई जैसे मामलों को गिनाते हुए बघेल ने कहा कि “प्रदेश में रेत माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं।”
उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, लेकिन माफिया बेखौफ घूम रहे हैं। रेत 8 गुना महंगी बिक रही है, और प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची है।”
पूर्व मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा, “प्रदेश में संवैधानिक स्थिति समाप्त हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को सीधे पत्र लिख रहे हैं, इसका अर्थ यही है कि उन्हें मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं रहा।”
राज्यपाल के दौरे पर उठाए सवाल
बघेल ने राज्यपाल रमेन डेका के जिलों में जाकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राज्यपाल संविधान की सीमाओं से बाहर जाकर कार्य कर रहे हैं। “यह सीधे-सीधे मंत्रियों और मुख्यमंत्री की क्षमता पर सवाल खड़ा कर रहा है,” बघेल ने आरोप लगाया।
स्कूल बंदी और शिक्षा व्यवस्था पर भी साधा निशाना
शाला प्रवेश उत्सव के बीच सफाईकर्मियों के आंदोलन और स्कूल बंदी को लेकर भी बघेल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “युक्तियुक्तकरण के नाम पर 10 हजार से अधिक स्कूल बंद किए जा रहे हैं। यह गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने जैसा अपराध है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर रही है, और सफाई कर्मचारी भी सरकार के खिलाफ आंदोलनरत हैं। इससे स्पष्ट होता है कि शासन-प्रशासन पर से नियंत्रण पूरी तरह समाप्त हो गया है।”
पूर्व मुख्यमंत्री के इन तीखे आरोपों ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। अब देखना यह है कि सत्ताधारी दल इन आरोपों का क्या जवाब देता है।