भिलाई। भिलाई नगर निगम ने शहर के विकास, अपनी आय बढ़ाने और बिजली खर्च में कटौती करने के लिए 150.79 करोड़ रुपए की चार बड़ी परियोजनाएं तैयार की हैं। इन परियोजनाओं की प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी के लिए अरबन चैलेंज फंड के तहत राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। योजनाओं में दो व्यावसायिक परिसर का निर्माण, 10 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र और उद्योगों तक शोधित पानी पहुंचाने की व्यवस्था शामिल है। निगम आयुक्त सुरूचि सिंह ने चारों परियोजनाओं को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को प्रस्ताव भेजा है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। निगम को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से नियमित आय के नए स्रोत विकसित होंगे, बिजली खर्च कम होगा और शोधित पानी का दोबारा उपयोग बढ़ेगा।
जीई रोड पर 65 करोड़ से बनेगा व्यावसायिक परिसर
भिलाई के संजय नगर, वार्ड क्रमांक-6 में जीई रोड पर 65 करोड़ रुपए की लागत से व्यावसायिक परिसर बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा शीतला क्षेत्र में 12.40 करोड़ रुपए की लागत से एक अन्य व्यावसायिक परिसर विकसित किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 77.40 करोड़ रुपए है। इन परिसरों में दुकानें और व्यावसायिक स्थान विकसित किए जाएंगे। इन्हें किराए पर देने या आवंटित करने से नगर निगम को नियमित आय मिलने की उम्मीद है। इससे निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और भविष्य के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, निर्माण की समयसीमा और दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया अभी तय नहीं हुई है।
63.79 करोड़ से लगेगा 10 मेगावाट का सोलर प्लांट
नगर निगम 63.79 करोड़ रुपए की लागत से 10 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य निगम की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करना और बिजली बिल पर होने वाले खर्च को कम करना है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिल सकती है। संयंत्र स्थापित होने और चालू होने के बाद उससे मिलने वाली बिजली के आधार पर निगम के खर्च में बचत होने की संभावना है।
उद्योगों तक पहुंचाया जाएगा शोधित पानी
निगम की चौथी परियोजना 9.60 करोड़ रुपए की है। इसके तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में शोधित किए गए पानी को उद्योगों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए पाइपलाइन, पंपिंग स्टेशन और सौर ऊर्जा संबंधी सुविधाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस व्यवस्था से उद्योगों में शोधित पानी का उपयोग बढ़ाया जा सकेगा। इससे ताजे पानी की मांग कम करने और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है।
केंद्र और राज्य से 25-25 प्रतिशत राशि लेने का प्रस्ताव
चारों परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की योजना भी तैयार की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा बॉन्ड, ऋण या निजी भागीदारी के माध्यम से जुटाने की योजना है। शेष 50 प्रतिशत राशि केंद्र और राज्य सरकार से लेने का प्रस्ताव है।
- कुल परियोजना लागत: 150.79 करोड़ रुपए
- बॉन्ड, ऋण या निजी भागीदारी: लगभग 75.39 करोड़ रुपए
- केंद्र सरकार से प्रस्तावित राशि: लगभग 37.70 करोड़ रुपए
- राज्य सरकार से प्रस्तावित राशि: लगभग 37.70 करोड़ रुपए
मंजूरी के बाद शुरू होगी आगे की प्रक्रिया
फिलहाल चारों परियोजनाओं के प्रस्ताव शासन के पास मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्माण और क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इन योजनाओं के माध्यम से भिलाई नगर निगम की कोशिश शहर में व्यावसायिक सुविधाओं का विस्तार करने, ऊर्जा खर्च घटाने और जल पुनः उपयोग को बढ़ावा देने की है। परियोजनाओं का वास्तविक लाभ इनके समयबद्ध क्रियान्वयन और निर्धारित वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।