क्षेत्रीय झेरिया गड़रिया धनकर (पाल) समाज पाटन एवं धमतरी राज के सभागार भवन का हुआ भूमिपूजन, पूर्व मुख्यमंत्री बघेल बोले -समाज और धर्म की आड़ में राजनीति कर रही भाजपा

क्षेत्रीय झेरिया गड़रिया धनकर (पाल) समाज पाटन एवं धमतरी राज के सभागार भवन का हुआ भूमिपूजन, पूर्व मुख्यमंत्री बघेल बोले -समाज और धर्म की आड़ में राजनीति कर रही भाजपा

पाटन। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा की साय सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा समाज और धर्म की आड़ में राजनीति कर रही है। उन्होंने समाज के पदाधिकारियों से अपील की कि वे ऐसे नेताओं की चाल-चलन को भली-भांति समझें, गलत कार्यों का विरोध करें और समाज हित में सदैव आवाज बुलंद रखें।
भूपेश बघेल क्षेत्रीय झेरिया गड़रिया धनकर (पाल) समाज पाटन एवं धमतरी राज के सभागार भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ढालसिंह धनकर जैसे सामाजिक बंधु समाज की मांगों को मजबूती से मंच पर रखकर आने वाली पीढ़ी के लिए नई दिशा तय कर रहे हैं, जो सभी पदाधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत और मील का पत्थर साबित होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्तमान साय सरकार किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को ठगने का काम कर रही है। जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया है। मनरेगा जैसी योजना, जो ग्राम सभा के प्रस्ताव से स्वीकृत होती थी, उसे भी बंद कर दिया गया है। बेरोजगारी भत्ता समाप्त कर दिया गया है। पंचायतों के सरपंच विकास कार्यों की उम्मीद में निराश बैठे हैं, वहीं 15वें वित्त आयोग और मूलभूत मद की राशि भी बंद है।
उन्होंने बताया कि समाज की मांग पर विधायक निधि से कौही गांव में मंदिर परिसर के विकास कार्यों हेतु 16.50 लाख रुपये की राशि की आधारशिला रखी गई है।

कार्यक्रम में मंच पर पोखन लाल पाल (पूर्व अध्यक्ष महासभा एवं सलाहकार धमतरी/पाटन राज), अशोक साहू विधायक प्रतिनिधि, राजेश ठाकुर अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस, रश्मिभेदप्रकाश वर्मा जनपद सदस्य, लीना सुरेश साहू (सरपंच, कौही), योगेश्वर साहू (अध्यक्ष मंदिर समिति, कौही), सोहन जोशी जोन प्रभारी एवं भविष्य जैन सेक्टर प्रभारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर शैलेन्द्र पाल, ढालसिंह धनकर, भेष आठे, रूपेंद्र शुक्ला, कमलेश नेताम, सीताराम ठाकुर, सत्यनारायण टिकरिहा, ईश्वर निषाद, कामेश कश्यप, हेमलाल सोनकर, धनेश्वर देवांगन, द्रोपति साहू, पोखन पाल, पुरुषोत्तम धनकर, डॉ. तुलाराम पाल, दुखुराम धनकर, जनक धनकर, सोहन पाल, विश्वकर्मा पाल, रामपाल, गोपाल, गजेंद्र, कुंजू धनकर, रेखराम धनकर, हीरामन पाल, लोकेश्वरी, दुर्गा धनकर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।

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