साइबर ठगी नेटवर्क पर बड़ा वार: 300 फर्जी सिम का खुलासा, सटोरियों-ठगों को सिम सप्लाई करने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने साइबर ठगी और सट्टा गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में 300 से अधिक एक्टिव सिम कार्ड की जानकारी सामने आई है, जिनका उपयोग देशभर में साइबर फ्रॉड के लिए किया जा रहा था। यह कार्रवाई रायपुर रेंज पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत की गई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में विनोद वर्मा, सुदीप्त सासमल, शिवनारायण साहू, जयंत लहरी, मनीष आहूजा, सुधीर जैन और कौशल प्रताप सिंह शामिल हैं, जो रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार समेत अन्य राज्यों और विदेशों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं।

मोबाइल दुकानों के जरिए चल रहा था खेल

जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल दुकानों के माध्यम से ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट करते थे। इसके बाद इन सिमों को साइबर ठगों और सटोरियों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। कई मामलों में विदेशों से भी इन सिम के एक्टिवेशन के डिजिटल सबूत मिले हैं।

दो बड़े ठगी मामलों से खुला राज

पूरे नेटवर्क का खुलासा थाना माना और आजाद चौक में दर्ज दो साइबर ठगी मामलों की जांच के दौरान हुआ। इन मामलों में 20.28 लाख रुपए और 6.42 लाख रुपए की ठगी की गई थी। ठगों ने म्यूल बैंक खातों और फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया था। तकनीकी जांच और सिम कंपनियों से प्राप्त डेटा के आधार पर पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

ई-केवाईसी में हेरफेर कर बनाए जाते थे सिम

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे नए सिम लेने या नंबर पोर्ट कराने वाले ग्राहकों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करते थे। ई-केवाईसी के दौरान डबल थंब स्कैन और आई ब्लिंक तकनीक का दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम एक्टिवेट किए जाते थे। वहीं, आधार कार्ड की कॉपी के जरिए डी-केवाईसी से भी फर्जी सिम जारी किए जाते थे।

इन अपराधों में हो रहा था इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार इन फर्जी सिम कार्ड का उपयोग टेलीग्राम रिव्यू टास्क, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, फेक सोशल मीडिया अकाउंट, शेयर ट्रेडिंग स्कैम और सस्ते सामान बेचने के नाम पर ठगी जैसे मामलों में किया जा रहा था।

जांच जारी, बढ़ सकते हैं खुलासे

पुलिस ने आरोपियों से कई सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। सभी सिम और नेटवर्क का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।

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