बड़ी खबर: राजनांदगांव में नक्सली मुठभेड़—एक जवान शहीद , SP अंकिता शर्मा मौके पर; दूसरी ओर बॉर्डर पर 7 नक्सली ढेर, देवजी के मारे जाने की खबर

बड़ी खबर: राजनांदगांव में नक्सली मुठभेड़—एक जवान शहीद , SP अंकिता शर्मा मौके पर; दूसरी ओर बॉर्डर पर 7 नक्सली ढेर, देवजी के मारे जाने की खबर

राजनांदगांव / अल्लूरी सीताराम, 19 नवंबर 2025।
छत्तीसगढ़ और आंध्र–छत्तीसगढ़ बॉर्डर से दो बड़ी नक्सल घटनाएं सामने आई हैं। एक तरफ राजनांदगांव जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक जवान घायल हो गया, वहीं दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम जिले के जंगलों में हुए ऑपरेशन में 7 नक्सलियों के ढेर होने की खबर है। मारे गए नक्सलियों में तीन महिलाएं और नक्सल महासचिव देवजी के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनांदगांव: सर्चिंग के दौरान मुठभेड़, एक जवान घायल-

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ इलाके में सुबह सुरक्षाबलों की सर्चिंग के दौरान नक्सलियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ तेज हुई और इस दौरान एक जवान के पैर में गोली लगी। जवान को तुरंत डोंगरगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मुठभेड़ की खबर मिलते ही राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा और खैरागढ़ एसपी लक्ष्य शर्मा भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। बोरतलाव थाना क्षेत्र के जंगलों में अब तलाशी अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।

बॉर्डर पर भीषण मुठभेड़: 7 नक्सली ढेर, देवजी के मारे जाने की खबर

हिड़मा के मारे जाने के अगले ही दिन आंध्र–छत्तीसगढ़ सीमा पर फिर से गोलियों की गूंज सुनाई दी। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम जिले के घने जंगलों में ग्रेहाउंड कमांडो और नक्सलियों के बीच तगड़ी मुठभेड़ में 7 नक्सलियों को मार गिराया गया। तीन महिला नक्सलियों की मौत की भी पुष्टि हुई है। सूत्रों का दावा है कि इस मुठभेड़ में पोलित ब्यूरो मेंबर और नक्सल महासचिव देवजी भी मारा गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।यह मुठभेड़ नेल्लूरु गांव (गुज्जिमाविडावलसा पंचायत) के पास हुई—उसी इलाके में जहां मंगलवार को सुरक्षा बलों ने हिड़मा और उसकी पत्नी राजे सहित 6 नक्सलियों को ढेर किया था।

• दो दिनों में 13 नक्सली ढेर—हिड़मा और देवजी का खात्मा बड़ा झटका

पिछले 48 घंटे नक्सली संगठन के लिए सबसे बड़े झटकों में गिने जा रहे हैं।मंगलवार को हिड़मा (25 लाख इनामी) सहित 6 नक्सली मारे गए। आज की मुठभेड़ में 7 और नक्सली ढेर हुए। हिड़मा को नक्सली संगठन काऑपरेशनल चीफ, PLGA बटालियन-1 का प्रमुख,दंतेवाड़ा ताड़मेटला (2010),झीरम घाटी नरसंहार (2013),और सुकमा-बीजापुर हमला (2021)
जैसे बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिड़मा के मारे जाने से नक्सल नेटवर्क 2–3 साल पीछे धकेल दिया गया है।

इलाके में हाई अलर्ट, बड़ी मात्रा में हथियार मिलने की संभावना

मुठभेड़ के बाद जंगल में भारी मात्रा में हथियार,नक्सली साहित्य,IED बनाने का सामग्री,डिजिटल उपकरण
मिलने की संभावना जताई जा रही है। ग्रेहाउंड की अतिरिक्त टीमें जंगल में उतार दी गई हैं और पूरा इलाका सील कर दिया गया है। सुकमा, बिजापुर, दंतेवाड़ा और आंध्र सीमा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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