रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में अहम माने जाने वाली पाटन विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिला है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल द्वारा दायर चुनाव याचिका पर पेश की गई आपत्तियों को खारिज कर दिया। इसका अर्थ यह है कि चुनाव याचिका खारिज नहीं होगी और मामले में आगे सुनवाई चलती रहेगी।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से कांग्रेस प्रत्याशी भूपेश बघेल ने जीत दर्ज की थी। भाजपा ने इस सीट पर विजय बघेल को उतारा था, जो खुद भूपेश के रिश्तेदार और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं। चुनाव के बाद विजय बघेल ने हाईकोर्ट में एक चुनाव याचिका दायर की, जिसमें भूपेश बघेल पर चुनाव में गड़बड़ी, गलत तथ्य पेश करने और आचार संहिता उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
भूपेश बघेल की कानूनी टीम ने याचिका को खारिज कराने के लिए आपत्तियाँ दाखिल की थीं, जिनमें कहा गया कि याचिका तकनीकी आधार पर अस्वीकार्य है। लेकिन हाईकोर्ट ने इन आपत्तियों को नामंजूर कर दिया, जिससे साफ हो गया कि याचिका की मेरिट पर सुनवाई जारी रहेगी।
राजनीतिक महत्व
पाटन सीट भूपेश बघेल की राजनीतिक पहचान का मजबूत गढ़ रही है। वह इस क्षेत्र से कई बार जीत दर्ज कर चुके हैं और यहीं से उनकी राज्यव्यापी राजनीति में पकड़ बनी। यदि अदालत में चुनाव याचिका पर फैसला उनके खिलाफ जाता है, तो न केवल उनकी विधायक सदस्यता पर संकट खड़ा हो सकता है, बल्कि उनकी राजनीतिक साख और भविष्य की रणनीति पर भी असर पड़ेगा। अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है, क्योंकि अब भूपेश बघेल को अदालत में पूरी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
दूसरी ओर, भाजपा इस फैसले को अपनी नैतिक जीत के रूप में देख रही है, क्योंकि अब अदालत में कांग्रेस के बड़े चेहरे के खिलाफ चुनावी गड़बड़ी के आरोपों पर विधिवत सुनवाई होगी।