बालोद ! छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बोर खनन के लिए फर्जी अनुमति-पत्र तैयार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने एसडीएम के नाम से कंप्यूटर पर हूबहू नकली पत्र बनाकर उस पर फर्जी सील और हस्ताक्षर लगाकर बोर खनन करवा लिया। मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, मामला गुंडरदेही ब्लॉक के अर्जुन्दा थाना क्षेत्र के ग्राम गोड़ेला का है। यहां के निवासी जनक लाल साहू ने प्रतिबंध के बावजूद अपने घर पर बोर खनन करवा लिया। जब आसपास के लोगों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने अनुमति की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और जांच शुरू हुई। पड़ोसी गांव निकुम के चंद्रकांत साहू ने बोरवेल संचालक से अनुमति-पत्र की मांग की। पत्र देखने पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने इसकी प्रति एसडीएम कार्यालय भेजकर शिकायत की। जांच में सामने आया कि पत्र पूरी तरह से फर्जी है।
गर्मी के मौसम में बोर खनन पर प्रतिबंध के चलते केवल कलेक्टर और एसडीएम की अनुमति से ही विशेष मामलों में खुदाई की अनुमति दी जाती है। ऐसे में जब यह पत्र गुंडरदेही की एसडीएम प्रतिमा ठाकरे के पास पहुंचा तो वे भी हैरान रह गईं। प्रारंभिक जांच में पत्र फर्जी पाए जाने के बाद एसडीएम ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सूचना दी और अर्जुन्दा थाना में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
एसडीएम प्रतिमा ठाकरे ने कहा कि पत्र पर लगी सील और हस्ताक्षर दोनों ही नकली हैं और यह बेहद गंभीर मामला है। सरकारी आदेश की जालसाजी कानूनन अपराध है, इसलिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। अर्जुन्दा थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में साक्ष्य जुटाने, मौके का निरीक्षण और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों के बयान दर्ज होने के बाद अपराध पंजीबद्ध किया जाएगा और आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की जालसाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।