छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : EOW-ACB टीम ने झारखंड जेल से दो आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लिया, शुक्रवार को विशेष अदालत में पेशी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ा कदम उठाया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की संयुक्त टीम ने झारखंड की जेल में बंद शराब आपूर्ति कंपनी “ॐ साईं बेवरेज” के डायरेक्टर और मामले के दो आरोपियों—अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा—को ट्रांजिट रिमांड पर लिया है। दोनों आरोपियों को रायपुर लाया जा रहा है, जहां शुक्रवार को उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

मंगलवार को रायपुर कोर्ट में EOW ने इस घोटाले से जुड़ा छठा आरोप पत्र दाखिल किया। चार्जशीट में विदेशी शराब की सप्लाई पर लिए गए अवैध कमीशन के साथ-साथ तत्कालीन राज्य कैबिनेट की भूमिका का भी उल्लेख है। आरोप है कि शराब सिंडिकेट ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर नई आबकारी नीति को कैबिनेट से मंजूरी दिलवाई थी, जिससे करोड़ों रुपये के घोटाले का रास्ता साफ हुआ।

चार्जशीट के अनुसार, आबकारी विभाग में उस समय सक्रिय सिंडिकेट में प्रशासनिक अधिकारी अनिल टुटेजा, अरुण पति त्रिपाठी, निरंजन दास, व्यवसायी अनवर ढेबर, विकास अग्रवाल और अरविंद सिंह जैसे नाम प्रमुख रूप से शामिल थे। यह सिंडिकेट शासकीय शराब दुकानों में बिकने वाली शराब की सप्लाई पर हर पेटी के हिसाब से अवैध कमीशन वसूलता था, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

छत्तीसगढ़ सरकार और जांच एजेंसियां अब इस घोटाले की तह तक पहुंचने के लिए तेजी से कार्रवाई कर रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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