रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और ओडिशा तट पर सक्रिय सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसका सबसे ज्यादा असर दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों पर पड़ेगा।
बस्तर संभाग में मूसलाधार बारिश
पिछले 24 घंटों में इस सिस्टम का सबसे बड़ा असर बस्तर संभाग में देखा गया। सुकमा में 210 मिमी, बास्तानार में 200 मिमी, लोहांडीगुड़ा में 190 मिमी, दरभा में 170 मिमी और गीदम व कोंटा में 160-160 मिमी वर्षा दर्ज की गई। दुर्ग संभाग के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश हुई है।
मौसम का पूर्वानुमान
28 अगस्त: राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा, जबकि दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की संभावना।
29 अगस्त: दक्षिण छत्तीसगढ़ में जोरदार बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, वहीं उत्तर और मध्य जिलों में हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान। इसके बाद वर्षा की तीव्रता में कमी की संभावना जताई गई है।
बारिश के पीछे का कारण
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र 7.6 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मानसून द्रोणिका भी बीकानेर, दमोह और पेंड्रारोड होते हुए इसी सिस्टम तक फैली हुई है। दोनों के संयुक्त प्रभाव से लगातार नमी बढ़ रही है और छत्तीसगढ़ में वर्षा की स्थिति बनी हुई है।
प्रमुख शहरों का तापमान
बिलासपुर: अधिकतम 33°C
राजनांदगांव: न्यूनतम 20.5°C
रायपुर: अधिकतम 32.9°C, न्यूनतम 22.5°C (गरज-चमक के साथ बौछारें संभव)
मौसम वैज्ञानिकों ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में नदी-नालों के किनारे सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।