रायपुर। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का दम दिखाया। प्रदेश के लिए गौरव की बात यह रही कि भिलाई की छात्रा को सम्मेलन में विशेष आमंत्रण मिला, वहीं बिलासपुर से जुड़ी एक स्टार्टअप कंपनी को दुनिया की सबसे बड़ी चिप और एआई कंपनी NVIDIA के पवेलियन में स्थान दिया गया।
सुंदर पिचाई से संवाद का यादगार क्षण
Rungta International University में एआईएमएल की छात्रा और गूगल स्टूडेंट एंबेसडर कृति प्रिया को Google ने आधिकारिक रूप से सम्मेलन में आमंत्रित किया था। कृति देशभर से चुनी गई 6 स्टूडेंट एंबेसडर्स में शामिल थीं। सम्मेलन के दौरान उन्हें गूगल के सीईओ Sundar Pichai से सीधे बातचीत करने का अवसर मिला। कृति ने उनसे पूछा कि उनके जीवन में सबसे महत्वपूर्ण क्या है? इस पर पिचाई ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया—“परिवार।” उनका यह उत्तर वहां मौजूद युवाओं के लिए प्रेरणादायक क्षण बन गया।
कृति ने बताया कि पिचाई बेहद सरल और विनम्र स्वभाव के हैं। वे हर छात्र से उसके राज्य और अनुभव के बारे में पूछ रहे थे। कृति ने उन्हें छत्तीसगढ़ और अपनी यूनिवर्सिटी की जानकारी दी। सम्मेलन में कृति को सामान्य आईडी कार्ड की जगह विशेष एक्सपो बैज प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि गूगल स्टूडेंट एंबेसडर के रूप में वे छात्रों को एआई के सकारात्मक उपयोग और नवाचार के लिए प्रेरित करती रही हैं। इस उपलब्धि पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भी हर्ष व्यक्त किया और इसे भिलाई व प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया।
बिलासपुर के इंजीनियर की कंपनी को वैश्विक पहचान
वहीं बिलासपुर के युवा कंप्यूटर इंजीनियर देवांश घटक की कंपनी सिम्पलीस्मार्ट को एआई समिट में NVIDIA के पवेलियन में विशेष स्थान मिला। देवांश ने वर्ष 2022 में अपने साथी अमृतांशु जैन के साथ कंपनी की स्थापना की थी और वर्तमान में वे इसके चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं। करीब 700 करोड़ रुपये की वैल्यू वाली इस कंपनी ने हाई स्पीड एआई इंफेरेंस प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो भारी और महंगे कंप्यूटिंग संसाधनों पर निर्भर एआई मॉडल्स को तेज और कम लागत में संचालित करने में सक्षम है। देवांश की कंपनी के प्रमुख क्लाइंट्स में Tata 1mg, Godrej Group, Eros International और Slice जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, एआई इंफेरेंस टेक्नोलॉजी भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के युवाओं की यह उपलब्धि न केवल प्रदेश बल्कि देश के लिए भी गौरव का विषय है।