रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिक अभियान के अंतर्गत 17 मई को एक ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा प्रदेश के प्रत्येक गांव, नगर और पंचायत में एक साथ आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य राष्ट्र की सुरक्षा में नागरिक सहभागिता को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जिला एवं जनपद प्रतिनिधि तथा अन्य जनप्रतिनिधि स्वयं इस यात्रा में भाग लेंगे। यात्रा की शुरुआत “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिक” शीर्षक वाले बैनर के साथ होगी, जिसमें “ऑपरेशन सिंदूर” का अधिकृत लोगो प्रमुख रूप से प्रदर्शित रहेगा।
यात्रा का मुख्य आकर्षण होंगे — “हम सेना के साथ हैं” और “ऑपरेशन सिंदूर के साथ राष्ट्र” जैसे देशभक्ति से ओतप्रोत बैनर, जो जनमानस में देश के प्रति समर्पण की भावना को नई ऊर्जा देंगे। इस आयोजन में आमजन, पूर्व सैनिक, सैनिकों के परिजन, स्कूलों के छात्र, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट्स एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की यह तिरंगा यात्रा न सिर्फ राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रबल करेगी, बल्कि यह नागरिक सहभागिता के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से गांव-गांव तक यह संदेश जाएगा कि “राष्ट्र की सुरक्षा सबकी साझी जिम्मेदारी है।”
इस अवसर पर लोगों के हाथों में सेनाओं को धन्यवाद, भारत माता की जय, जय हिंद जैसे संदेशों वाली तख्तियाँ होंगी। यात्रा के दौरान उद्घोषणा वाहन देशभक्ति गीतों का प्रसारण करेंगे और नागरिक “वंदे मातरम्”, “भारत माता की जय” जैसे नारे लगाते चलेंगे। लंबे तिरंगे, सजे-धजे झंडे और अनुशासित कतारों में चलती भीड़ इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाएगी।
जिला प्रशासन और पंचायतों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि आयोजन शांतिपूर्ण, संगठित और उत्साहपूर्ण हो। इस अभूतपूर्व आयोजन से छत्तीसगढ़ एक बार फिर राष्ट्र के प्रति अपने समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत करेगा।