पाटन। समीपस्थ ग्राम केसरा में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह में कथावाचक बाल योगी विष्णु अरोड़ा महाराज द्वारा विविध आध्यात्मिक प्रसंगों का भावपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक वर्णन किया जा रहा है। कथा के दौरान उन्होंने आत्मज्ञान और भक्ति को मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम मार्ग बताया। कथा के क्रम में महाराज श्री ने शुक्राचार्य आगमन, भीष्म स्तुति, कपिल चरित्र एवं ध्रुव चरित्र जैसे दिव्य प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शुकदेव जी के आगमन से भागवत कथा का शुभारंभ होता है, जिससे ज्ञान और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित होती है।
पंडित अरोड़ा ने भीष्म स्तुति प्रसंग में पितामह भीष्म के जीवन को धर्म, नीति और अटूट भक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा गया कि मृत्यु शैया पर भी भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण कर उन्होंने यह संदेश दिया कि सच्चा भक्त हर परिस्थिति में ईश्वर को नहीं भूलता। कपिल चरित्र के माध्यम से सांख्य योग के सिद्धांतों की व्याख्या करते हुए महाराज श्री ने आत्मज्ञान एवं भक्ति को मोक्ष का आधार बताया। वहीं ध्रुव चरित्र में बालक ध्रुव की अटूट श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और भक्ति का प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्ची लगन से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुनीति के मार्ग पर चलकर ही जीवन में सफलता प्राप्त होती है। कथा श्रवण के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आयोजक मंडल सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं।