रायपुर। प्रदेश में मानसून के सक्रिय होते ही खेती-किसानी का कार्य तेजी पकड़ चुका है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक 24.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो इस खरीफ सीजन के 48.85 लाख हेक्टेयर के कुल लक्ष्य का 49 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के स्पष्ट निर्देशों के तहत किसानों को उनकी आवश्यकता अनुसार सुगमता से खाद और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा वितरण प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अब तक राज्य के किसानों को 8.35 लाख मीट्रिक टन खाद तथा 5.76 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। बीज वितरण का यह आंकड़ा निर्धारित लक्ष्य से 116 प्रतिशत अधिक है। वहीं, उर्वरक वितरण भी लक्ष्य के 57 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
राज्य में अब तक औसतन 291.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मिमी है। अच्छी वर्षा के चलते किसानों में खेती को लेकर उत्साह है और रकबा तेजी से बढ़ रहा है।
खरीफ 2025 के लिए खाद-बीज आपूर्ति के आंकड़े दर्शाते हैं कि इस वर्ष 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य था, जबकि सभी स्रोतों से 7.22 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर लिया गया है और अब तक 5.76 लाख क्विंटल का वितरण किया जा चुका है। वहीं 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक के लक्ष्य के विरुद्ध 12.60 लाख मीट्रिक टन का भंडारण और 8.35 लाख मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है।
कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी सहकारी समितियों को पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और सतत निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं।