दुर्ग-भिलाई। दुर्ग जिले में सामने आए अवैध अफीम खेती मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चौथे आरोपी को राजस्थान के Jodhpur से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी छोटू राम अफीम की खेती के लिए बीज सप्लाई करता था। उसे 12 मार्च को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल मामले में एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक यह मामला Durg जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र की जेवरा-सिरसा चौकी अंतर्गत ग्राम समोदा, झेनझरी और सिरसा के बीच स्थित खेतों से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि खेती के लिए अफीम के बीज राजस्थान से मंगाए गए थे।
तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार
इससे पहले पुलिस इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें भाजपा नेता Vinayak Tamrakar (तेमरापारा, दुर्ग), विकास बिश्नोई (मतोड़ा, जोधपुर) और मनीष उर्फ गोलू ठाकुर (समोदा) शामिल हैं। तीनों को 7 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। घटना के बाद कुछ आरोपी राजस्थान भाग गए थे और मोबाइल फोन बंद कर छिपे हुए थे। जरूरत पड़ने पर ही फोन चालू करते थे, जिससे चौथे आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को समय लगा।
आज खत्म हो रही न्यायिक रिमांड
विनायक ताम्रकर, विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर की न्यायिक रिमांड शुक्रवार को समाप्त हो रही है। ऐसे में पुलिस उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश कर सकती है। जांच एजेंसियों के मुताबिक मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए विनायक ताम्रकर की पुलिस कस्टडी की जरूरत पड़ सकती है।
मक्का के खेत में छिपाकर लगाई गई थी अफीम
पूरे मामले का खुलासा 6 मार्च को हुआ था, जब ग्राम सरपंच की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। खेतों की जांच में मक्का-भुट्टा की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए मिले, ताकि शक से बचा जा सके। पुलिस ने करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन में लगी अफीम की फसल जब्त की थी। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपए बताई गई है।
नकदी और मोबाइल बरामद
गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से 2220 रुपए नकद और एक स्मार्टफोन बरामद किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, ताकि अवैध खेती से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिल सके। इससे पहले पुलिस खेती में इस्तेमाल किए गए कई वाहन और मशीनें भी जब्त कर चुकी है। इनमें दो ट्रैक्टर, दो जेसीबी, दो मोटरसाइकिल, एक हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरण शामिल हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए आंकी गई है।