
दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में युवाओं को आसान लोन, अतिरिक्त कमाई और खराब CIBIL स्कोर सुधारने का लालच देकर करोड़ों रुपये की कथित आर्थिक ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में अब तक 100 से अधिक लोग शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 25 से 30 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में संगठित गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। मुख्य आरोपी ऋषभ शर्मा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुका है, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
कमजोर CIBIL वाले युवाओं को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार आरोपी ऐसे युवाओं को टारगेट करता था जिनका CIBIL स्कोर कमजोर होता था या जिन्हें तत्काल पैसों की जरूरत होती थी। उन्हें भरोसा दिलाया जाता था कि उनके नाम पर इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराया जाएगा, बदले में उन्हें नकद राशि दी जाएगी और लोन की पूरी ईएमआई आरोपी स्वयं जमा करेगा। साथ ही यह भी कहा जाता था कि समय पर ईएमआई जमा होने से उनका CIBIL स्कोर बेहतर हो जाएगा, जिससे भविष्य में उन्हें आसानी से लोन मिल सकेगा।
आधार-पैन लेकर कराया जाता था फाइनेंस
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी ने कई युवाओं से आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर उनके नाम पर फाइनेंस कंपनियों से महंगे मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदवाए। लेकिन खरीदारी पूरी होते ही सामान सीधे आरोपी और उसके साथियों के कब्जे में चला जाता था। शिकायतकर्ताओं के अनुसार अनामिका श्रृंगार (महाराज चौक), एवन इलेक्ट्रॉनिक (सुपेला), रिलायंस डिजिटल (सूर्या मॉल एवं सुपेला), जयंत इलेक्ट्रॉनिक और जैन इंटरप्राइजेज समेत कई दुकानों से उनके नाम पर इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराया गया।
पहले कुछ किस्तें जमा कर जीतता था भरोसा
पीड़ितों का कहना है कि शुरुआत में आरोपी कुछ महीनों तक ईएमआई जमा करता था, जिससे लोगों का विश्वास मजबूत हो जाता था। बाद में उसने किस्तें भरना बंद कर दिया। जब लोग पैसे मांगते तो उनसे कहा जाता कि पहले और सामान फाइनेंस कराओ, तभी पुरानी ईएमआई जमा की जाएगी। इस तरह लगातार नए लोन लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता रहा।
रिकवरी एजेंट घर पहुंचे, परिवारों पर बढ़ा दबाव
जब फाइनेंस कंपनियों को किस्तें मिलना बंद हुईं तो उनके रिकवरी एजेंट सीधे पीड़ितों के घर पहुंचने लगे। कई युवकों ने बताया कि परिवारों पर किस्त जमा करने का दबाव बनाया गया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। अपनी साख बचाने और डिफॉल्टर घोषित होने से बचने के लिए कई लोगों को रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर ईएमआई जमा करनी पड़ी, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए।
100 से अधिक शिकायतें, कई जिलों से पीड़ित
रूपेश साहू, चुरेंद्र साहू, रोहित जगने, रोमल सोनी, गजेंद्र साहू, फनेश्वर मिश्रा और दुष्यंत मानिकपुरी समेत कई युवकों ने आरोप लगाया कि उनके नाम पर लोन लेकर सामान खरीदा गया, लेकिन सामान उन्हें कभी नहीं मिला। पद्मनाभपुर थाना में अब तक करीब 25 से 30 अपराध दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 100 से अधिक शिकायतें पुलिस को प्राप्त हुई हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है।
दो महीने पहले दर्ज हुई थी एफआईआर
इस संगठित आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में करीब दो महीने पहले एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी ऋषभ शर्मा लगभग 15 दिनों तक फरार रहा और घर में ताला लगाकर गायब हो गया। बाद में उसने 24 जुलाई को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पद्मनाभपुर पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की। मामले में दीपेश जोशी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 35(3) के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि अनिरुद्ध कुमार अभी भी फरार बताया जा रहा है।
बैंक रिकॉर्ड और मोबाइल खरीद के बिल जब्त
दुर्ग सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें विभिन्न बैंकों की पासबुक, चेकबुक, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड और बड़ी संख्या में मोबाइल खरीद के बिल शामिल हैं। पुलिस ने सात से आठ बैंकों को नोटिस जारी कर बैंक स्टेटमेंट और लेनदेन का पूरा ब्यौरा मांगा है, ताकि पैसों के प्रवाह और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
एसपी बोले- जिले का पहला संगठित लोन फ्रॉड
दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में इस प्रकार का यह पहला संगठित आर्थिक धोखाधड़ी का मामला है। इसकी गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि अब तक दुर्ग, बालोद और बेमेतरा से भी पीड़ित सामने आए हैं। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने के साथ पीड़ितों और आरोपियों दोनों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल पुलिस बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।