धमतरी। नगर निगम धमतरी में पेट्रोल-डीजल के 33 लाख रुपये के बकाया भुगतान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और इसने सियासी रंग ले लिया है। भुगतान में देरी से नाराज पेट्रोल पंप संचालक ने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराते हुए साइकिल से नगर निगम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। संचालक का आरोप है कि नगर निगम द्वारा लंबे समय से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति का भुगतान नहीं किया गया है। करीब 33 लाख रुपये की बकाया राशि अटकी हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि कई बार संपर्क और अनुरोध के बावजूद निगम प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की, जिससे मजबूर होकर उन्हें यह विरोध करना पड़ा।
साइकिल से निगम कार्यालय पहुंचना एक प्रतीकात्मक संदेश था—जब भुगतान ही नहीं होगा, तो ईंधन आपूर्ति कैसे संभव होगी। इस अनोखे विरोध ने आम जनता के बीच भी चर्चा छेड़ दी है।
मामला सामने आते ही विपक्षी पार्षद सक्रिय हो गए। उन्होंने पेट्रोल पंप पहुंचकर संचालक से जानकारी ली और नगर निगम प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। विपक्ष का आरोप है कि निगम करोड़ों रुपये की योजनाओं की बातें करता है, लेकिन एक छोटे व्यापारी का भुगतान तक समय पर नहीं कर पा रहा। महापौर पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल वाहवाही लूटने में व्यस्त हैं और जमीनी समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। वहीं, महापौर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी, जिसे अब सुधारा जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बकाया भुगतान की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही संचालक को उनका पैसा दे दिया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि निगम के कार्यों में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सभी जरूरी काम सुचारू रूप से चल रहे हैं।