
रायपुर,20 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में TET को लेकर प्रभावित शिक्षकों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा की शासन स्तर पर हुई पहल के बाद ब्रिज कोर्स को लेकर सरकार ने कवायद तेज कर दी है। मोर्चा की मांग के अगले ही दिन SCERT में शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर ब्रिज कोर्स के स्वरूप और संभावित व्यवस्था को लेकर सुझाव लिए गए। शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन और टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में गठित शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने एक दिन पहले DPI और स्कूल शिक्षा सचिव के साथ बैठक में TET की अनिवार्यता से उत्पन्न परिस्थितियों और शिक्षकों की समस्याओं को सामने रखा था।
मांग क्रमांक-5 पर तत्काल हुई पहल
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने अपनी मांगों में बीएड के लिए विभागीय स्तर पर ब्रिज कोर्स कराने का मुद्दा प्रमुखता से रखा था। मोर्चे का कहना था कि TET की अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों को ऐसा व्यावहारिक रास्ता दिया जाए, जिससे वे आवश्यक शैक्षणिक योग्यता हासिल कर सकें और उनकी सेवा प्रभावित न हो। बैठक के बाद SCERT के ज्वाइंट डायरेक्टर को शिक्षक संगठनों से चर्चा कर ब्रिज कोर्स को लेकर सुझाव लेने के निर्देश दिए गए। इसके बाद SCERT में विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
वरिष्ठता आधारित प्रवेश और निशुल्क कोर्स की मांग
बैठक में शिक्षक संगठनों ने ब्रिज कोर्स में वरिष्ठता के आधार पर प्रवेश देने का सुझाव दिया। साथ ही ओपन यूनिवर्सिटी के माध्यम से बीएड की व्यवस्था, प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक रखने तथा शिक्षकों के लिए निशुल्क ब्रिज कोर्स संचालित करने की मांग रखी गई। शिक्षक संगठनों ने विभागीय स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अतिरिक्त आर्थिक अथवा प्रशासनिक बोझ न पड़े।
दूसरे राज्यों की व्यवस्था का भी अध्ययन
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के अनुसार, TET के मुद्दे पर शासन विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसके तहत मध्यप्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लागू व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली जा रही है। यदि TET की अनिवार्यता में शिथिलता का विकल्प नहीं बनता है, तो बीएड-डीएलएड ब्रिज कोर्स के माध्यम से शिक्षकों को आवश्यक योग्यता उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके बाद TET की तैयारी और परीक्षा उत्तीर्ण करने में सहयोग देने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि, ब्रिज कोर्स की पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया, शुल्क, अवधि और विश्वविद्यालय से संबद्धता सहित अन्य बिंदुओं पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
वीरेंद्र दुबे बोले- शिक्षकों की आवाज शासन तक पहुंची
शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने TET से प्रभावित शिक्षकों की समस्या को शासन के सामने मजबूती से रखा है। ब्रिज कोर्स को लेकर शुरू हुई प्रक्रिया इसी संवाद का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने मांग की कि इसका लाभ पात्र शिक्षकों को सरल और निशुल्क तरीके से मिले।
संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन ने कहा कि TET के कारण किसी भी शिक्षक की सेवा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और वरिष्ठता आधारित बनाने की आवश्यकता बताई। टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने शासन के सकारात्मक रुख का स्वागत करते हुए कहा कि अंतिम समाधान तक शिक्षकों की मांगों को लेकर प्रयास जारी रहेगा। फिलहाल SCERT में सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब शिक्षकों की नजर शासन के अगले कदम और ब्रिज कोर्स को लेकर जारी होने वाले अंतिम आदेश पर टिकी है।