कुम्हारी अग्निकांड की जांच तेज: कलेक्टर ने बनाई 6 सदस्यीय कमेटी, CCTV फुटेज से बदली जांच की दिशा

कुम्हारी अग्निकांड की जांच तेज: कलेक्टर ने बनाई 6 सदस्यीय कमेटी, CCTV फुटेज से बदली जांच की दिशा

दुर्ग-भिलाई। दुर्ग जिले के कुम्हारी में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने घटना की विस्तृत जांच के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कुम्हारी नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक-4 महामाया पारा में 12 मई को हुए इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई थी, लेकिन अब सामने आए CCTV फुटेज के बाद जांच की दिशा बदलती नजर आ रही है।

कलेक्टर कार्यालय द्वारा 13 मई को जारी आदेश के अनुसार, मिलाई-3 के तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी रवि विश्वकर्मा को जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में नगर सेना दुर्ग के सेनानी नागेंद्र सिंह, नगर पालिका परिषद कुम्हारी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी नेतराम चंद्राकर, मिलाई-3 थाना प्रभारी अंबर सिंह भारद्वाज, सीन ऑफ क्राइम दुर्ग की वैज्ञानिक अधिकारी स्मिता भारद्वाज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुम्हारी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. अविनाश पाठक और छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी के सहायक अभियंता विजय कुमार बंजारे को शामिल किया गया है।

कलेक्टर ने समिति को 16 मई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के बाद हादसे की वास्तविक वजह और संभावित जिम्मेदारों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जानकारी के अनुसार, 12 मई की दोपहर करीब 3:30 बजे अनिल वैष्णव के घर में अचानक आग लग गई थी। स्थानीय लोगों ने पहले बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह बताया था। कहा गया कि आग तेजी से घर तक पहुंची और रसोई में रखे गैस सिलेंडर के कारण स्थिति भयावह हो गई। सिलेंडर फटने के बाद पूरा मकान आग की चपेट में आ गया। हालांकि, अब सामने आए CCTV फुटेज में बिजली के खंभे से चिंगारी या आग निकलती दिखाई नहीं दे रही है। फुटेज में घर के अंदर से धुआं उठने के बाद आग फैलती नजर आ रही है। पूरी घटना महज ढाई मिनट के भीतर घटित होती दिखाई दी।

हादसे में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले अनिल वैष्णव, उनकी दिव्यांग बेटी लक्ष्मी, दूसरी बेटी चांदनी और डेढ़ वर्षीय मासूम गोपिका की मौत हो गई। घटना के समय अनिल की पत्नी गिरजा, बेटा गौतम, बेटी भारती और पिता राधेश्याम घर से बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर उसी दिन सुबह घर लाया गया था। धमाका इतना भीषण था कि घर के भीतर मौजूद लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद मकान पूरी तरह जल गया और मलबे से चारों शवों के अवशेष बरामद किए गए।

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