जामगांव आर। किसानों की जमीन लेकर सड़क बन गई, लेकिन उनका मुआवजा अब तक अटका हुआ है। वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग ने जामगांव आर के मुक्तिधाम तक पहुँच मार्ग का निर्माण कराया था। इसके लिए किसानों की निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से प्रदीप चंद्राकर पिता स्व. अलखराम चंद्राकर एवं चन्द्रमणि चंद्राकर पिता स्व. जीवनलाल चंद्राकर की जमीन शामिल रही। जानकारी के अनुसार अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत करीब 10 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया था। लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद प्रभावित किसानों को आज तक भुगतान नहीं किया गया।
किसानों का आरोप है कि वे बार-बार लोक निर्माण विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। इस लापरवाही से किसान हताश और नाराज़ हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मुआवजा प्रदान नहीं किया गया, तो वे परिवार सहित आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन की यह चुप्पी न्याय प्रणाली और किसानों के अधिकारों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।