YC न्यूज़ डेस्क । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधन देते हुए संघ के योगदान और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर काम करता है और इसकी सभी शाखाएं राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर काम करती हैं। पीएम मोदी ने संघ के खिलाफ रची गई साजिशों और मुख्यधारा में आने से रोके जाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।पीएम मोदी ने संघ के योगदान को राष्ट्र निर्माण और समाज सशक्तिकरण के लिए प्रेरक बताया और कहा कि संघ ने हमेशा एक भारत, श्रेष्ठ भारत के विचार को आगे बढ़ाया।
पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें:
- संघ स्वयं तपता है और दूसरों को भी तपाता है, जिसमें सामान्य लोग असामान्य काम करते हैं।
- शाखाएं प्रेरणा भूमि हैं, जहाँ से अहम से वहम की यात्रा और शारीरिक-मानसिक विकास होता है।
- संघ के लिए देश हमेशा प्राथमिकता रहा।
- सभी चुनौतियों के लिए संघ ने स्वयं को समर्पित किया।
- संघ ने स्वतंत्रता संग्राम में भी भाग लिया, 1942 के आंदोलन में अत्याचार सहा।
- संघ ने अनेक बलिदान दिए; उसका लक्ष्य एक भारत, श्रेष्ठ भारत है।
- संघ पर कई हमले हुए, साजिशें रची गई और स्वतंत्रता के बाद इसे कुचलने का प्रयास हुआ।
- मुख्यधारा में न आने देने की कोशिश की गई, पर संघ ने डटकर सामना किया।
- प्रतिबंधों और झूठे मुकदमों के बावजूद संघ ने कभी कटुता नहीं फैलाई।
- संघ सभी का सम्मान करता है—जो अच्छा है वह हमारा, जो कम अच्छा है वह भी हमारा।
विशेष पहल:
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने आरएसएस की सेवा को श्रद्धांजलि देते हुए स्मारक डाक टिकट और 100 रुपये का सिक्का जारी किया। उन्होंने कहा कि यह स्मारक 1963 के गणतंत्र दिवस परेड में गर्व से मार्च करने वाले संघ स्वयंसेवकों को याद दिलाता है।